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जुवेनाइल जस्टिस एक्ट पर फरीदाबाद पुलिस का सेमिनार आयोजित

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 20 June 2026 0 comments
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 फरीदाबाद: बच्चों से संबंधित मामलों की जांच को अधिक संवेदनशील, प्रभावी एवं कानून सम्मत बनाने के उद्देश्य से फरीदाबाद पुलिस द्वारा शनिवार को लघु सचिवालय सेक्टर-12 स्थित सभागार में जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट-2015 विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जेजे बोर्ड की सहायक जिला न्यायवादी गार्गी नरेश ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।


सेमिनार में पुलिस उपायुक्त बल्लभगढ़ प्रतीक अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त, एनआईटी, उत्तम, सहायक पुलिस आयुक्त, एनआईटी विनोद कुमार (नोडल अधिकारी) सहित जिले के सभी थाना प्रबंधक, अपराध शाखाओं के प्रभारी, अनुसंधान अधिकारी तथा अन्य पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल अपराधियों तथा बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में पुलिस अधिकारियों को कानून की सही जानकारी देकर जांच प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना था।

कार्यक्रम के दौरान गार्गी नरेश ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसके अंतर्गत विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों तथा संरक्षण एवं देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। किसी भी मामले में बच्चे की पहचान को गोपनीय रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है तथा इस संबंध में निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।

सेमिनार के दौरान अनुसंधान अधिकारियों द्वारा बाल मामलों की जांच में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और प्रक्रिया संबंधी कमियों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने उन त्रुटियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के उपाय बताए जो कई बार अनुसंधान प्रक्रिया के दौरान देखने को मिलती हैं। अधिकारियों को अवगत कराया गया कि किसी भी किशोर से संबंधित मामले में उसकी आयु का सही निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसके लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त किए जाने चाहिए या फिर बच्चों का ओसिफिकेशन टेस्ट करना चाहिए। बच्चों से पूछताछ के दौरान पुलिस कर्मचारियों वर्दी में नहीं होगा और उसके माता-पिता या अभिभावक की उपस्थिति में ही पूछताछ की जायेगी। बच्चे को थाना में लाकर पूछताछ नहीं होगी।

गार्गी नरेश ने जेजे बोर्ड की कार्यप्रणाली, किशोर न्याय प्रणाली, बाल संरक्षण उपायों, बाल अधिकारों तथा पुलिस की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जेजे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करना प्रत्येक अनुसंधान अधिकारी की जिम्मेदारी है ताकि बच्चों के हितों की रक्षा करते हुए न्यायिक प्रक्रिया को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

सहायक पुलिस आयुक्त, एनआईटी विनोद कुमार (नोडल अधिकारी) ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस द्वारा जिले के प्रत्येक थाने में विशेष जुवेनाइल पुलिस अधिकारी (Special Juvenile Police Officer) नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें बाल मामलों के संबंध में विशेष प्रशिक्षण एवं जिम्मेदारियां प्रदान की गई हैं। ये अधिकारी बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करते हैं।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस कर्मियों की क्षमता बढ़ाना तथा बच्चों से संबंधित मामलों में कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि बाल अधिकारों की रक्षा और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।


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