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फरीदाबाद 7 मई - श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की मांग को लेकर सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन ( सीटू )जिला कमेटी फरीदाबाद ने आज डीएलएफ औद्योगिक क्षेत्र में हैंडबिल वितरित किए। सीटू की मांग है। कि प्रत्येक मजदूर को सरकार द्वारा बढ़ाया गया वेतन मिलना चाहिए। लेकिन कई कंपनियों के प्रबंधक श्रमिकों को वेतन वृद्धि
का लाभ नहीं दे रहे हैं। आज का अभियान कामरेड विजय झा, के पी सिंह, रवि ने संयुक्त रूप से चलाया । यह जानकारी सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर और जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने दी । उन्होंने बताया कि श्रम विभाग के अधिकारियों ने अप्रैल माह के वेतन का भुगतान संशोधित दरों से करने का आश्वासन सीटू प्रतिनिधि मंडल को दिया था। लेकिन बहुत सारी फैक्ट्रियों के मालिक श्रम विभाग के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं। फैक्ट्री का मजदूर वेतन वृद्धि को लेकर मैनेजमेंट से कई बार बातचीत कर चुका है। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रबंधक वेतन वृद्धि के मुद्दे पर टालमटोल की नीतियां अपना रहे हैं। जिसकी वजह से मजदूरों में निराशा पैदा हो रही है। कारखाने का एच आर संतोष जनक जवाब नहीं दे पा रहा है। महंगाई लगातार बढ़ रही है। उस हिसाब से वेतन में वृद्धि नहीं हो रही। यदि किसी कंपनी के मजदूर वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर कंपनी गेट पर एकत्रित होते हैं। तो मालिक उन्हें काम से निकाल देते हैं। उनका गेट बंद कर दिया जाता है। जो काफी असहनीय और पीड़ा दायक है। कई फैक्ट्रियों में मजदूरों को पे स्लिप तक नहीं दी जाती है। डबल ओवर टाइम नहीं मिलता। कैंटीन में खाने की सुविधा कैजुअल और ठेके के श्रमिकों को मालिक नहीं देते हैं। फैक्ट्री में पक्के वर्कर बहुत कम जबकि ठेका और कैजुअल वर्करों की संख्या हजारों में है। कारखाना प्रबंधक ऑन और ठेकेदारों के द्वारा मजदूरों की अपेक्षा करने की वजह से मजदूरों का अपना जीवन यापन करना काफी मुश्किल हो गया है। सीटू जिला कमेटी फरीदाबाद ने इस अभियान को लगातार चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को जागृत करने के लिए शेष औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा।

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