फरीदाबाद में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत यमुना नदी पर बनाए जा रहे बांध को लेकर मोहना और मोहियापुर गांव के किसानों ने विरोध तेज कर दिया है। किसानों का कहना है कि इस बांध के निर्माण से उनके खेतों तक जाने का रास्ता बाधित हो जाएगा, जिससे खेती पर सीधा असर पड़ेगा।
रविवार को मोहना गांव स्थित सिद्ध बाबा मंदिर में दोनों गांवों के किसानों की पंचायत आयोजित हुई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक बांध निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। पंचायत की अध्यक्षता गिर्राज ने की।
पंचायत में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया कि वर्ष 1978 वे उससे पहले से यमुना नदी के दायरे में किसानों की भूमि थी, जिससे वर्षों से हजारों एकड़ भूमि प्रभावित होती रही है। इस कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। पंचायत में सर्वसम्मति से मांग की गई कि वर्ष 1978 से लेकर आज तक यमुना जलभराव से प्रभावित किसानों को उचित फसल मुआवजा दिया जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि बांध के संबंध में पहले भी कई बार प्रशासन एवं सरकार के समक्ष अपनी समस्या रखी जा चुकी है। बसंत, ओमवीर सिंह, शांति स्वरूप, नंदलाल, किशन सरपंच, जयपाल फौजी, किसान नेता कुकरिया, ब्रह्म, महावीर ने बताया कि पांच फरवरी 2026 को आयोजित ग्रीवेंस कमेटी, 27 मार्च को डीसी कार्यालय में, सात अप्रैल को प्रशासनिक निरीक्षण तथा एक मई और आठ मई 2026 को इस संबंध में आग्रह किया गया लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं निकला है।

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