//# Adsense Code Here #//
फरीदाबाद, 22 अप्रैल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 23196 रूपए करने और सरकार द्वारा की गई न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी को शीघ्र लागू करने और ओवर टाइम का डबल वेतन भुगतान करने, ठेका श्रमिकों को कंपनी के रोल पर लेने, मानेसर में गिरफ्तार मजदूरों को बिना शर्त रिहा करने, उनके विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने सहित अन्य मांगों को लेकर आज सीटू जिला कमेटी फरीदाबाद के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न औद्योगिक एरियाज में हैंडबिल बांटे। इस अव
सर पर सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल, उपप्रधान शिव प्रसाद, स्टार वायर के प्रधान सुदर्शन,महासचिव राकेश शर्मा, और संतु सिंह ने सेक्टर 6 के विभिन्न कारखानों के गेट पर श्रमिकों को पर्चे दिए। श्रमिक नेताओं ने बताया कि हरियाणा के 14 जिले एनसीआर में आते हैं। जहां पर लाखों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। नियम अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में श्रमिकों का वेतन एक समान होना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है। दिल्ली में मजदूरों को न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए उपर है। जबकि मार्च तक हरियाणा में यह 11274 रूपये था। पूर्व में निर्धारित मानदंडों के अनुसार हरियाणा में 2020 में वेतन संशोधित होना चाहिए था। जो सरकार ने नहीं किया। प्रदेश भर में मजदूर आंदोलन के बदौलत न्यूनतम वेतन में संशोधन करने के लिए एक कमेटी सरकार के द्वारा बनाई गई। इसकी 9 बैठक हुई। इन मीटिंगों में 30 हजार रूपये न्यूनतम वेतन की मांग की गई। लेकिन सरकार नहीं मानी। फिर 29 दिसंबर 2025 की पानीपत की बैठक में सभी की तरफ से 23196 का प्रस्ताव पारित करके भेजा गया। लेकिन सरकार ने 2 मार्च को अपने बजट भाषण में न्यूनतम वेतन 15220 करने का ऐलान कर दिया। जबकि इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। जब खाड़ी युद्ध के चलते रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होने लगी। और मकान मालिकों ने अपने किराए बढ़ा दिए। तब मानेसर के श्रमिकों ने वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंदोलन चलाया। फिर सरकार ने आनन-फानन में बढ़ोतरी का पत्र जारी किया। आज मजदूर बढ़ती महंगाई की वजह से हताश और निराशा है। उसके रोजमर्रा के खर्चे की पूर्ति नहीं हो पाती है। इसलिए सीटू ने व्यापक स्तर पर फरीदाबाद में श्रमिकों के बीच में जाकर उनसे यूनियन बनाने का आवाहन किया है। रोज कंपनियों में घटनाएं घट रही हैं। जिनमें जान माल का नुकसान होता है। कंपनी के मालिक कच्चे कर्मियों को किसी प्रकार का मुआवजा देने से इनकार करते हैं। उन्होंने कहा कि पर्चे वितरित करने का कार्यक्रम मई माह के प्रथम सप्ताह तक जारी रहेगा। पहली मई को मजदूर दिवस का आयोजन किया जाएगा।

No comments :