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फरीदाबाद, 13 अप्रैल 2026 - जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता भारत रत्न डॉ. बी.आर. आंबेडकर की 135वीं जयंती आज धूमधाम से मनाई। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा एससी/एसटी सेल के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने की। उन्होंने डॉ. बी.आर. आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शिक्षकगण, कर्मचारीगण तथा छात्र-छात्राओं ने भी चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. राजीव कुमार ने भारतीय संविधान को एक दूरदर्शी एवं प्रगतिशील दस्तावेज बताया। उन्होंने डॉ. आंबेडकर तथा संविधान सभा के सदस्यों की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संविधान इतनी दूरदर्शिता से लिखा गया है कि आज भी यह पूर्णतः प्रासंगिक है। संविधान में अपने मूल्यों को बनाए रखते हुए स्वयं को समय के अनुरूप बदलने का प्रावधान भी है।
इन्हीं मूल्यों से प्रेरित होकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना है।
इस अवसर पर प्रो. प्रदीप डिमरी ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना को बढ़ा, जिसका सभी ने अनुसरण किया। कार्यक्रम में एससी/एसटी सेल के अध्यक्ष प्रो. राज कुमार तथा सेल के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय की टीम एवं स्टूडेंट क्लब अनन्या द्वारा किया गया।

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