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फरीदाबाद: यातायात पुलिस फरीदाबाद द्वारा 16 फरवरी से फरीदाबाद स्थित C.S. Boutique Hotel में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में स्थापित सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र के सहयोग से “सड़क सुरक्षा मित्र” प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामेंद्र प्रताप शुक्ला, निदेशक (सड़क सुरक्षा), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने स्वयंसेवकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में “सड़क सुरक्षा मित्र” सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर प्रोफेसर वेंकटेश बालसुब्रमण्यम, प्रमुख, सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्वयंसेवकों को संबोधित किया गया। उन्होंने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी के महत्व तथा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी यातायात निरीक्षक अनोज कुमार ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए बताया कि यातायात पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं है, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियानों के माध्यम से आमजन को नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जाता है।
वहीं निरीक्षक (सड़क सुरक्षा) राजेश कुमार ने स्वयंसेवकों को सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों के बारे में जानकारी दी और बताया कि तेज गति, लापरवाही से वाहन चलाना, हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग न करना तथा यातायात नियमों की अनदेखी करना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यदि सभी लोग नियमों का पालन करते हुए सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है।
इस दौरान उप निरीक्षक श्री वीरेंद्र सिंह (ट्रैफिक ताऊ) ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए बताया कि हरियाणा में “ट्रैफिक ताऊ” की भूमिका एक सामाजिक पुलिसिंग के रूप में विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को सरल और सहज तरीके से यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक ताऊ के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में वाहन न चलाने तथा सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में समझाया जाता है।
इस कार्यशाला में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र राज्य के 55 विद्यार्थियों (स्वयंसेवकों) ने भाग लिया है, जिन्हें दुर्घटना स्थल प्रबंधन, सड़क सुरक्षा निरीक्षण, आंकड़ों के विश्लेषण तथा जनजागरूकता अभियानों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

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