फरीदाबाद जिले में सड़कों के किनारे उड़ती धूल से जूझ रहे लोगों को अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने एक ठोस योजना तैयार की है।
यह कदम AQI वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के हालिया निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसमें जिला प्रशासन को हर 15 दिन में प्रदूषण की स्थिति की रिपोर्ट पीएमओ ऑफिस को भेजने के लिए कहा गया है।
फरीदाबाद लंबे समय से धूल से होने वाले प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। गर्मियों के दौरान शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई बार गंभीर श्रेणी में पहुंच जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़कों के किनारे मौजूद कच्ची पट्टियां, टूटे फुटपाथ, निर्माण स्थलों से उड़ती मिट्टी और खाली प्लॉट से उठने वाली धूल वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए AQI वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़कों के किनारे कच्ची जगह नहीं छोड़ी जाए, क्योंकि यही धूल उड़कर प्रदूषण का स्तर बढ़ाती है। इसी के तहत अब सड़कों के किनारे की कच्ची पट्टियों को पक्का करने की योजना बनाई गई है।
HSVP के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संदीप दहिया ने बताया कि शहर में जिन सड़कों के किनारे कच्ची जमीन है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से पक्का किया जाएगा। इससे न केवल धूल उड़ने की समस्या कम होगी, बल्कि सड़कों की संरचना भी मजबूत होगी और सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा।

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