39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में किर्गिस्तान के हस्तशिल्पी सही लोकेशन पर जगह ना मिलने से परेशान है। उनका कहना है कि इसकी वजह से रोजाना होने वाली बिक्री पर भी असर पड़ रहा है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले किर्गिस्तान के हस्तशिल्पी भेड़ की खाल से बने कई प्रकार के उत्पाद लेकर आए है। जिनमें कैप,स्काफ, कई प्रकार की टोपियां और घर की सजावट का सामान शामिल है।
उनका कहना है कि वो 30 आइटम अपने साथ लेकर आए है, पिछले 12 बार से वो लगातार मेले में आ रहे है।
किर्गिस्तान के रहने वाले नूरदान ने जानकारी देते हुए बताया कि हर बार वो मेले में आते है। पिछली बार 2025 के मेले में जब वह आए थे, तो उनको अच्छी लोकेशन पर दुकान मिल गई थी। जिससे उनकी सेल भी अच्छी हो गई थी, लेकिन इस बार उनको पीछे की तरफ लोकेशन दी गई है। जिसके कारण ग्राहक उनकी दुकान तक नही पहुंच पा रहा है।
नूरदान ने बताया कि वो अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी है, जो इस काम को कर रहे है। उनके देश में इस समय सर्दी का तापमान बेहद कम है, लेकिन यंहा पर इतनी सर्दी नही है, उनके पास ज्यादातार सामान सर्दी के मौसम में इस्तेमाल होने वाला है, इसलिए भी उनकी सेल ज्यादा नही हो रही है।
पिछली बार जब उनकी दुकान प्राइम लोकेशन पर थी, तो वह रोजाना करीब 8 हजार की सेल कर रहे थे, लेकिन अब 2 हजार तक भी सेल नही पहुंच रही है। उनको उम्मीद है कि जैसे-जैसे मेला आगे बढ़ेगा, उनका काम सही से निकलना शुरू हो जाएगा।

No comments :