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दी आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में भजन संगम कार्यक्रम

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 12 February 2026 0 comments
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 फरीदाबाद, 12 फरवरी। दी आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में भजन संगम (भजन क्लबिंग) कार्यक्रम विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच एक नए आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रवाह के रूप में उभर रहा है।

दी आर्ट ऑफ लिविंग की शीर्ष टीम से जुड़े कार्यक्रम के प्रायोजक राजेन्द्र भाटी ने यह विचार 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले फरीदाबाद की द्वितीय चौपाल पर आयोजित भजन संगम कार्यक्रम के दौरान उपस्थित आध्यात्मिक मेले के दर्शकों एवं श्रोताओं के समक्ष व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर से तथा दी आर्ट ऑफ लिविंग एवं भजन संगम से उनके व्यक्तिगत जुड़ाव के अनुभव यह प्रमाणित करते हैं कि गुरुदेव आज विश्व के 180 से अधिक देशों में लोगों को दी आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से भौतिक जीवन की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आध्यात्मिक पथ पर भी सहजता से अग्रसर होने की प्रेरणा दे रहे हैं। इस दिशा में भजन संगम जैसे कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इन विषयों से लंबे समय से जुड़े रहने के कारण यह उनका व्यक्तिगत अनुभव है कि ऐसे कार्यक्रम न केवल मनोरंजन प्रदान करते हैंए बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में भी प्रेरित करते हैं। यही कारण है कि वे स्वयं और उनका पूरा परिवार दी आर्ट ऑफ लिविंग एवं भजन संगम से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है तथा ऐसे आयोजनों में सहभागिता कर समाज, देश और विश्व के अधिक से अधिक लोगों को जोडऩे का प्रयास कर रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने  दी आर्ट ऑफ लिविंग की एरिया टीचर कॉर्डिंटर हेमा शर्मा, हरियाणा पर्यटन विभाग एवं सूरजकुंड मेला प्राधिकरण द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और  युवाओं सहित संबंधित  लोगो से दि आर्ट ऑफ़ लिविंग एवं भजन संगम से जुडऩे का आह्वान किया।
जनसंपर्क एवं मीडिया क्षेत्र में दीर्घ अनुभव रखने वाले कार्यक्रम संयोजक एवं बीरबल कम्युनिकेशन के संस्थापक मुकेश धामा ने बताया कि अरावली की प्राकृतिक की वादियों में स्थित मेला प्रांगण में 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला फरीदाबाद में 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह मेला विश्व के सबसे बड़े शिल्प मेलों में से एक है, जो पर्यटन, हस्तशिल्प, कला एवं संस्कृति का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करता है। यहां इन क्षेत्रों से जुड़े कलाकार एवं विद्वान, मीडिया एवं जनसंपर्क के माध्यम से अपने विचारों और सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। हरियाणा पर्यटन विभाग एवं सूरजकुण्ड मेला प्राधिकरण द्वारा ऐसे आयोजनों को प्रभावी मंच प्रदान किया जाता है, जिसके लिए दोनों संस्थाएं प्रशंसा की पात्र हैं।
इसी क्रम में भूषण सिंगल, सुश्री ख्याति अदलखा, अक्षय वर्मा, भारत भूषण, ओंकार शर्मा, बाल संगीतकार हमसिनी कौशिक एवं स्मही कौशिक द्वारा प्रस्तुत मंत्रमुग्ध करने वाले आध्यात्मिक संगीत ने उपस्थित श्रोताओं एवं दर्शकों की मानसिक और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करते हुए उन्हें प्रकृति और उसकी परम शक्ति से जोडऩे का प्रभावी प्रयास किया।


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