फरीदाबाद में चल रहे 39वें इंटरनेशनल सूरजकुंड मेले में झूला गिरने से हुए हादसे के बाद करीब 800 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस घटना में हरियाणा पुलिस के एक इंस्पेक्टर की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे, जिसके बाद पर्यटन विभाग ने मेले के एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन को पूरी तरह से बंद कर दिया। हालांकि, मेले के अन्य हिस्से पहले की तरह चलते रहेंगे।
एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन में करीब 14 छोटे-बड़े झूले और लगभग 72 दुकानें लगाई गई थीं। हर दुकान पर 2 से लेकर 6 व्यक्ति तक काम कर रहे थे। इस हिस्से में दुकान लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने वेंडरों को भारी रकम एडवांस में दी थी। कई स्टॉल संचालक कर्ज लेकर सामान खरीदकर मेला स्थल पर पहुंचे थे, लेकिन अब उनकी दुकानें बंद कर दी गई हैं।
दुकानदारों का आरोप है कि पर्यटन विभाग की ओर से उन्हें न तो कोई स्पष्ट जवाब दिया जा रहा है और न ही अब तक रिफंड या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई भरोसा दिया गया है।
पर्यटन विभाग के MD डॉ. पार्थ गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि मेला खत्म (15 फरवरी) होने तक एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन पूरी तरह बंद रहेगा। इस सेक्शन की दुकानों को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने पर विचार किया जाएगा।
दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर के रहने वाले श्रवण कुमार ने बताया कि उन्होंने मेले में 11 दुकानें किराए पर ली थीं, जिसके लिए 11 लाख रुपए में सहमति बनी थी। उन्होंने अब तक 5 लाख रुपए जमा करा दिए हैं। उन्हें मेले में आए हुए अभी केवल 8 दिन ही हुए थे। वीकेंड पर अच्छी बिक्री होती थी और हर दुकान से रोजाना लगभग 3 हजार रुपए की कमाई हो रही थी, लेकिन अब उनकी सभी दुकानें बंद पड़ी हैं। उन्होंने इन दुकानों के लिए अपनी सारी जमा पूंजी लगा दी थी।

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