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कर्मचारी, मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी की हड़ताल होगी ऐतिहासिक :-सुभाष लाम्बा

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 3 February 2026 0 comments
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 फरीदाबाद,3 फरवरी।


अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व मजदूर संगठन सीटू के राज्य महासचिव कॉमरेड जय भगवान ने दावा किया कि 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय आम हड़ताल ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व होगी। उन्होंने यह दावा मंगलवार को लगातार दूसरे दिन हड़ताल की तैयारियों को लेकर विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों और प्राइवेट कंपनियों के मजदूरों की गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए किया। इस अभियान के तहत बीके अस्पताल, नगर निगम, महिला एवं बाल विकास विभाग, बिजली निगम, रोड़वेज, स्टार वायर कंपनी,जीकेएन सेक्टर 25 व फरीदाबाद आटो रिक्शा ड्राइवर यूनियन आदि में गेट मीटिंग की गई। इस अभियान में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान करतार सिंह, जिला सचिव बलबीर सिंह बालगुहे

र, सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर व सचिव वीरेंद्र डंगवाल आदि शामिल थे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि 50 लाख से ज्यादा कर्मचारी और बिजली अमेंडमेंट बिल के खिलाफ 27 लाख बिजली कर्मचारी 12 फरवरी की हड़ताल पर रहेंगे। जिसकी देशभर में व्याप्त तैयारियां चल रही हैं।

 
कर्मचारी सभाओं को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार ठेका कर्मचारियों को रेगुलर करने से बचने के लिए सरकार ठेका कर्मियों को ताउम्र कच्चा रखने की पक्की गारंटी देने के लिए जॉब सिक्योरिटी के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा रही हैं। उन्होंने एचकेआरएन व अन्य ठेका कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर जोर दिया। सीटू के महासचिव जय भगवान ने कहा कि सरकार आशा, आंगनवाड़ी व आशा वर्कर को न तो पक्का कर रही है और ना ही न्यूनतम वेतन देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा खत्म कर वीसी जीराम जी बिल पास कर रोजगार की गारंटी को खत्म कर दिया है। उन्होंने मनरेगा कानून बहाल करने व 200 दिन काम और 800 रु. मजदूरी तय करने, न्यूनतम पेंशन 10000 रु. मासिक करने की मांग की। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और जन सेवाओं के विभागों का निजीकरण किया जा रहा है।  उन्होंने आठवें पे कमीशन के टर्म ऑफ रेफरेंस में संशोधन कर देश में कार्यरत 50 लाख से ज्यादा ठेका कर्मचारियों के वेतन भत्तों में भी बढ़ोतरी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार पुरानी पेंशन बहाली की बजाय ओपीएस से भी छेड़छाड़ करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कोविड कॉल में फ्रीज किए 18 महीने के बकाया डीए डीआर को रिलीज करने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया। ऑल जीकेएन शाफ़्टस कर्मचारी यूनियन के महासचिव नरेश सोलंकी और स्टार वायर एम्पलाइज यूनियन के राजेंद्र ने भी अपनी गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया।
 
विभिन्न विभागों में आयोजित कर्मचारी सभाओं को कर्मचारी नेता शब्बीर अहमद गनी, सुनील चिंडालिया आशा शर्मा,यूएम खान,नवल सिंह,लज्जा राम, सतपाल नरवत, जितेंद्र मोर, अनिल चिंडालिया,सुधा, देविद्री शर्मा,मालवती , कृष्ण कुमार , राम चरण पुष्कर,भूप सिंह,वेद प्रकाश कर्दम,दिनेश शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा,अशरफ खान, सुबोध कुमार, जय पाल राठी आदि ने संबोधित किया।

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