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श्रम संहिताओं के लागू होने से मजदूरों का ‌ शोषण ‌ बढ़ेगा - वीरेंद्र सिंह डंगवाल

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 15 January 2026 0 comments
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 फरीदाबाद 15 जनवरी ‌‌ श्रम संहिताओं के लागू होने से मजदूरों का ‌ शोषण ‌ बढ़ेगा। उन्हें  मिलने वाली सभी सुविधाओं को मलिक छीन लेंगे। काम के घंटे 8 से बढ़कर 12 हो जाएंगे। ‌ किसी भी प्रकार का ओवर टाइम और अन्य सामाजिक सुरक्षा और ‌ कंपनी में काम करते हुए ‌ एक्सीडेंट या मृत्यु होने पर मुआवजा की राशि भी नहीं मिलेगी।‌‌ यह जानकारी ‌ जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल के कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल  ने बैठक  में दी। एटक कार्यालय में हुई  ‌ बैठक की अध्यक्षता इंटक के जिला प्रधान हुकमचंद बेनीवाल ने की।‌इस बैठक में ‌‌ फरीदाबाद स्थित ‌‌ फैक्ट्रीयों में ‌ उचित सुरक्षा के इंतजाम न होने की वजह से लगातार हो रही दुर्घटनाओं के मुद्दे को लेकर ‌कल ‌ जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल का ‌ प्रतिनिधि मंडल उप श्रम


आयुक्त से ‌ भेंट वार्ता करेगा। और ज्ञापन भी देगा। ‌ इस मीटिंग में एटक से ‌ कामरेड बेचू गिरी, ‌  आर एन सिंह ,कामरेड विशंभर सिंह सीटू के कामरेड निरंतर पाराशर,‌एच एम एस के ‌कामरेड ‌आर डी यादव 

‌ बैंक एम्पलाइज यूनियन के कृपाराम शर्मा,‌ सर्व कर्मचारी संघ के ‌ प्रधान करतार सिंह जागलान ‌   आईसी टी यू के कामरेड जवाहरलाल ‌ उपस्थित रहे। कन्वीनर ने बताया कि केंद सरकार ने ‌ 29 श्रम कानूनों की जगह चार लेबर  कोड्स को  ‌बना दिये हैं।‌‌ अब इनको लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके विरोध में‌ ‌ देश के सभी‌ श्रमिक मजदूर किसान मिलकर 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। क्योंकि ‌केंद्र सरकार में 60 लाख कर्मचारियों के पद खाली पड़े हुए हैं। इन पर रेगुलर भर्ती नहीं हो रही है। नए पद सृजित नहीं किये जा रहे हैं।‌‌ लगातार सार्वजनिक सेवाओं के विभागों का निजीकरण किया जा रहा है। कारखानों में ‌ ‌ स्थाई ‌श्रमिको की ‌ संख्या कम है। कई ‌ कारखाने में एक भी पक्का वर्कर नहीं है। जबकि  ठेकेदारों के ‌ श्रमिकों की संख्या अधिक है। इन श्रमिकों का शोषण होता है। क्योंकि इन्हें मालिक पक्के वर्करों के बराबर वेतन नहीं देता। इनको किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिलती है। जबकि काम पक्के मजदूरों की तरह ही करते हैं। सरकार चार श्रम संहिताओं को लागू करके ट्रेड यूनियन की भूमिका को समाप्त करना चाहती है। सरकार श्रम को धर्म कहकर और मजदूरों  के अधिकारों  को नहीं मानते हुए सरकार अपनी  जिम्मेदारी से हटना चाहती है। इन श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद मजदूर मालिकों का गुलाम हो जाएगा। इसलिए सभी ट्रेड ‌ यूनियनें मिलकर ‌ हड़ताल करेंगी। इसमें सूई से लेकर  हवाई जहाज का निर्माण करने वाले मजदूरों, और ‌ खेत मजदूरों,‌ किसानो, कर्मचारीयों,‌ छोटे व्यापारीयों, एवं नौजवान भी शामिल होंगे। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए ‌‌ जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल ने प्रचार प्रसार तेज करने का निर्णय लिया है। ‌ 1 फरवरी को ओपन एयर थिएटर सैक्टर  12 में फरीदाबाद के सभी श्रमिकों की ‌ कन्वेंशन होगी।

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