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फरीदाबाद।
शहर सेक्टर निवासी अनशनकारी समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी का संघर्ष एक बार फिर रंग लाता दिख रहा है। दिल्ली-एनसीआर के फरीदाबाद में रहकर सामाजिक सरोकारों की लड़ाई लड़ रहे आ रहे है वहीं श्री तिवारी ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद स्थित मठिया
श्रीराम में संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटरमीडिएट कॉलेज की जमीनी समस्याओं को लेकर डॉ. तिवारी द्वारा उठाई गई जिस पर आखिरकार प्रशासन ने संज्ञान लिया है।
श्रीराम में संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटरमीडिएट कॉलेज की जमीनी समस्याओं को लेकर डॉ. तिवारी द्वारा उठाई गई जिस पर आखिरकार प्रशासन ने संज्ञान लिया है।
लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे इस कॉलेज में पठन-पाठन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित थी। कॉलेज में कुल 17 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 10 शिक्षक एवं एक प्रभारी प्रधानाचार्य ही तैनात हैं। वर्ष 2018-19 से शिक्षण कार्य शुरू होने के बावजूद छात्र संख्या लगभग 200 है, जबकि नियमित उपस्थिति करीब 100 विद्यार्थियों तक ही सिमट कर रह गई है। कॉलेज के आसपास जंगल, श्मशान घाट और नाला होने के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी गहरी चिंता बनी रहती है।
करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस कॉलेज का शिलान्यास वर्ष 2014 में हुआ था। भवन में 22 कक्ष और 30 शौचालय बने हैं, लेकिन साफ-सफाई और नियमित जलापूर्ति के अभाव में शौचालय उपयोग लायक नहीं रह गए। पुस्तकालय और प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पर्याप्त पुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों की कमी बनी हुई है।
वर्षों तक बिजली आपूर्ति न होने के कारण कंप्यूटर लैब, इंटरनेट और प्रयोगशालाएं निष्क्रिय रहीं, जिससे आधुनिक शिक्षा व्यवस्था ठप पड़ी रही। फरीदाबाद निवासी समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी के लगातार प्रयास और प्रशासनिक स्तर पर दबाव के बाद हाल ही में कॉलेज परिसर में विद्युतीकरण कार्य पूरा कराया गया है। इससे अब कंप्यूटर शिक्षा, इंटरनेट, कला गतिविधियों और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के सुचारु संचालन की उम्मीद जगी है।
डॉ. मोहन तिवारी इससे पूर्व भी वर्ष 2021 में कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं की बहाली की मांग को लेकर जिलाधिकारी कुशीनगर कार्यालय के बाहर अनशन कर चुके हैं। उस समय प्रशासन ने समस्याओं का समाधान कराया था, हालांकि कुछ समय बाद हालात फिर से बिगड़ गए। इससे पहले वर्ष 2021 में ही उन्होंने तमकुहीराज–सिसवा–अहिरौलीदान जर्जर मुख्य सड़क निर्माण को लेकर लगभग 56 दिनों तक आंदोलन और अनशन किया था, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण कराया गया। हाल ही में एक बार फिर डॉ. मोहन तिवारी ने सांसद देवरिया, जिलाधिकारी कुशीनगर, मुख्य विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी तमकुहीराज सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति, बुनियादी सुविधाओं की बहाली और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है।

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