HEADLINES


More

डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर SC ने जताई चिंता

Posted by : pramod goyal on : Monday, 1 December 2025 0 comments
pramod goyal
//# Adsense Code Here #//

 नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट के मामलों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई करेगी. कोर्ट ने कहा कि बीते कुछ समय में देशभर में ऐसे मामलों की संख्या एकाएक काफी बढ़ गई है. ऐसे में ये बेहद चिंताजनक है. CJI सूर्यकांत ने CBI को अधिक अधिकार देते हुए CBI को (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) PCA के तहत बैंकरों की भूमिका की जांच करने की पूरी आज़ादी दी है. जहां ऐसे डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मकसद से बैंक अकाउंट खोले गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस स्वतः संज्ञान के मामले मे रिजर्व बैंक ( RBI ) को पक्षकार बनाते हुए नोटिस भी जारी किया.

सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक से कहा कि कोर्ट की मदद करें. कोर्ट ने ऐसे अकाउंट की पहचान करने और इस तरह के अपराध की कमाई को फ्रीज़ करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग जैसी कब तक लागू की जाएगी, इसके बारे में भी पूछा है. SC ने आदेश दिया है कि IT इंटरमीडियरी रूल्स 2021 के तहत अथॉरिटीज़ CBI को पूरा सहयोग देंगी. 

जिन राज्यों ने CBI को मंज़ूरी नहीं दी है, वे अपने अधिकार क्षेत्र में IT एक्ट 2021 की जांच के लिए मंज़ूरी दें ताकि CBI पूरे देश में बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर सके.SC ने कहा कि CBI ज़रूरत पड़ने पर इंटरपोल अधिकारियों से मदद मांगेगी. SC ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स एक ही नाम पर SIM या कई SIM जारी करने के मामले में टेलीकॉम डिपार्टमेंट से एक प्रपोज़ल जमा करने को कहा. जिससे सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए आदेश जारी किया जा सके. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें साइबरक्राइम सेंटर जल्दी स्थापित करें और अगर कोई रुकावट आए तो राज्य SC को बताएं. IT नियमों के तहत अधिकारियों को निर्देश जाए कि वे साइबर अपराधों के लिए अलग-अलग राज्यों के FIR में बरामद सभी फोन का मोबाइल फोन डेटा स्टोर करें.SC ने सभी राज्यों और UT को निर्देश दिया है कि जहां भी IT Act 2021 के तहत FIR दर्ज की जाती है, सभी CBI को सौंपा जाए.


No comments :

Leave a Reply