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फरीदाबाद 11 दिसंबर सरकार के द्वारा विभागों के आकार को घटाने के बहाने तीनों विभागों के पदों में की जा रही कटौती को लेकर यूनियन को आंदोलन तेज करने होंगे। तभी पहले से मिल रही सुविधाओं और अधिकारों को सुरक्षित रखा जा सकता है। यदि संघर्ष नहीं होगा तो सरकार नये श्रम संहिताओं को लागू करके पहले से मिल रही सुविधाओं को एक-एक करके छीन लेगी। यह बात आज आज हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन की जिला कार्यकारिणी की मीटिंग में रखी गई । विभिन्न मुद्दों को लेकर यह बैठक कैनाल कॉलोनी परिसर सैक्टर 16 में संपन्न हुई ।इ
सकी अध्यक्षता जिला प्रधान देवी सिंह ने की जबकि संचालन जिला सचिव राजकुमार ने किया। बैठक में राज्य कमेटी के संगठन सचिव योगेश शर्मा, राज्य उप कोषाध्यक्ष हितेश शर्मा और पूर्व स्टेट प्रधान वीरेंद्र सिंह डंगवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया। पूर्व प्रधान ने बताया कि इसके लिए हमें अपने यूनियन के अतीत के आंदोलनों के इतिहास को ध्यान में रखना होगा। जब प्रत्येक दिन पूरे प्रदेश के किसी न किसी कोने में हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन का आंदोलन होता रहता था। हमको अपने फुर्सत के क्षणों को इसमें लगाना होगा। बिना किसी भेदभाव के कर्मचारियों को एकजुट करना होगा। ब्रांच से लेकर जिला कमेटी और प्रांतीय स्तर की कमेटी की बैठकों की संख्या बढ़ानी होगी। ऐसा तब संभव है। जब हम प्रत्येक कर्मचारी से उनके कार्य स्थानों पर संपर्क स्थापित करेंगे। उन्हें संगठन के महत्व के बारे में बताएंगे। उन्होंने बताया कि अतीत में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ और कार्यकारी अभियंता वर्करों को संगठित नहीं होने देते थे। उनसे बेगार ली जाती थी। बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्क चार्ज होते थे। वर्क चार्ज के सेवा नियम नहीं होते थे। उनका कार्यालयों में प्रवेश वांछित था। धीरे-धीरे यूनियन मजबूत हुई । नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन तेज हुए। इसके लिए कर्मचारियो ने हड़ताल की। आज विभागों में अनुपातिक आधार पर पदों में कटौती जारी है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड सहित सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। जॉब सिक्योरिटी नहीं मिल रही है। सरकार रेगुलर की पॉलिसी नहीं बना रही है। जब काम नियमित प्रवृत्ति का है। तब उस कार्य पर अनियमित कर्मचारी क्यों लगाए जाते हैं। कच्चे कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा प्रदान सरकार नहीं करती है। उनके भविष्य पर निवेश नहीं किया जाता है। जबकि नए श्रम संहिताओं में काम के घंटे में बढ़ोतरी करने का प्रावधान है। आज की बैठक में कैनाल गार्ड और गेज रीडर्स को तृतीय श्रेणी का कर्मचारी घोषित करने, तकनीकी पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को टेक्निकल स्केल देने, आदि मागों पर भी जोर दिया गया। आज की बैठक को सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उप प्रधान और यूनियन के अध्यक्ष जगदीश चंद्र, पब्लिक हेल्थ के सह सचिव राकेश, अंकित कुमार, जितेंद्र भडाना, भी एंड आर के प्रधान कपी, सचिव गिरिराज सिंह आदि ने भी संबोधित किया।

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