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सराय ख्वाजा विद्यालय में मॉक ड्रिल - एनडीआरएफ द्वारा विद्यालय में स्कूल सेफ्टी कार्यक्रम का आयोजन

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 24 December 2025 0 comments
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 गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा फरीदाबाद में जूनियर रेड क्रॉस एवं सेंट जॉन एम्बुलेंस के सहयोग से जेआरसी और ब्रिगेड अधिकारी प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता, मार्गदर्शन एवं विशेष योगदान से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल National Disaster Response Force – NDRF द्वारा School Safety Programme (SSP) के अंतर्गत एक व्यापक, व्यवहारिक एवं प्रशिक्षण आधारित सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के 2500 से अधिक विद्यार्थियों के साथ साथ सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। विद्यालय के प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा ने एनडीआरएफ की प्रशिक्षित टीम का स्वागत करते हुए बताया कि एन डी आर


एफ ने विद्यार्थियों को भूकंप, बाढ़, सुनामी, अग्निकांड एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी तथा Do’s & Don’ts को लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से समझाया। टीम द्वारा CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) का डेमो विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसमें डमी अर्थात मैनिकिन (प्रशिक्षण पुतले) की सहायता से हृदय व श्वसन क्रिया को पुनः प्रारंभ करने की प्रक्रिया दिखाई गई। इसके पश्चात विद्यार्थियों को स्वयं भी अभ्यास का अवसर दिया गया जिससे वे आपात स्थिति में आत्मविश्वास के साथ सही तकनीक अपनाने में सक्षम हो सकें। मॉक ड्रिल कार्यक्रम में प्राथमिक उपचार (First Aid), Soft Tissue Injuries, सिर, हाथ या शरीर के अन्य भागों में चोट लगने की स्थिति में पट्टी बाँधने की सही विधि, रक्तस्राव रोकने व बेहोशी की अवस्था में सहायता तथा सुरक्षित स्थानांतरण की तकनीकों का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। भूकंप की स्थिति में मेज़ या कुर्सी के नीचे सुरक्षित तरीके से छिपने (Duck, Cover and Hold Drill) का अभ्यास कराया गया। प्राचार्य मनचंदा ने प्राध्यापक जितेंद्र गोगिया, प्राध्यापिका दीपांजलि, प्राध्यापक निखिल और दिनेश सहित स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया तथा इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि यदि पानी में जीवन रक्षक जैकेट उपलब्ध न हो तो पानी की खाली बोतलों जैसे वैकल्पिक साधनों का उपयोग कर स्वयं को किस प्रकार सुरक्षित रखा जा सकता है। इस पर आधारित डेमो एवं छात्र प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और अधिक उपयोगी बनाया। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं समन्वय में दीपांजली शर्मा (PGT, शारीरिक शिक्षा) की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया। विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाओं के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत व्यवस्थित एवं प्रभावशाली रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने एनडीआरएफ टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए यह संदेश दिया कि ऐसे प्रशिक्षण आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों को आपदाओं से निपटने के लिए व्यवहारिक रूप से तैयार करते हैं तथा उनमें सतर्कता, अनुशासन और मानवीय संवेदनशीलता का विकास करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने पर बल दिया।


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