फरीदाबाद।
संविधान दिवस के अवसर पर दिल्ली उच्च न्यायालय परिसर, नई दिल्ली में फरीदाबाद शहर सेक्टर-12 निवासी समाजसेवी एवं अनशनकारी डॉ. मोहन तिवारी को सम्मानित किया गया। इस विशेष सम्मान को दिल्ली–एनसीआर क्षेत्र में संवैधानिक जागरूकता फैलाने के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिए
शन के अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि“समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी जैसे युवा ही संविधान की मूल भावना को समाज तक पहुँचाते हैं। आज देश को ऐसे नागरिकों की आवश्यकता है जो संवैधानिक साक्षरता को एक आंदोलन की तरह आगे बढ़ाएँ।”वही इस मौके पर पूर्व महासचिव नई दिल्ली बार एसोसिशन के महासचिव ओ.एन शर्मा ने भी संविधान की पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया साथ में विकास पांडेय अधिवक्ता मौजूद रहे।
समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि “संविधान मेरी शान, देशभक्ति मेरी पहचान।भारत का संविधान सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। इसकी मूल भावना को प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाना हमारा नैतिक कर्तव्य है।”समारोह के दौरान उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट बार परिसर में उपस्थित युवा अधिवक्ताओं, लॉ छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक हजार संविधान प्रतियाँ निःशुल्क वितरित कीं। डॉ. तिवारी पिछले छह वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर संविधान जागरूकता अभियान चला रहे हैं और इस वर्ष भी उन्होंने फरीदाबाद, दिल्ली, नोएडा एवं पूरे एनसीआर में एक हजार से अधिक संविधान प्रतियाँ वितरित कर संवैधानिक जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया है। आपको बताते चले की सविधान दिवस की मौके पर सुप्रीम कोर्ट परिसर में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव निखिल जैन, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की सचिव प्रज्ञा बघेल, तथा सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड प्रवीण झा द्वारा समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी को सम्मानित कर चुके है। समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी के इस सम्मान से उनके शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है। इस खास मौके पर विकास पांडेय अधिवक्ता, कौशलेंद्र पांडेय, शैलेश उपाध्याय अधिवक्ता सहित अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।

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