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गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा, फरीदाबाद की जूनियर रेड क्रॉस एवं सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड अधिकारी, प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा के मार्गदर्शन में दिनांक 1 नवम्बर से 15 नवम्बर 2025 तक “जनजातीय गौरव पखवाड़ा” का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। इस पखवाड़े का उद्देश्य विद्यार्थियों में जनजातीय समुदायों के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं, मूल्यों तथा राष्ट्रनिर्माण में जनजातीय नायकों के योगदान के प्रति जागरूकता, सम्मान और समझ विकसित करना था। पूरे पखवाड़े में विभिन्न विषयों पर आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपनी रचनात्मकता और सीखने की जिज्ञासा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा ने बताया कि पखवाड़े का प्रणाम 1 नवम्बर को विद्यालय की पीजीटी (शारीरिक शिक्षा) दीपांजली शर्मा द्वारा प्रातःकालीन सभा में उद्घोषणा एवं जनजातीय संस्कृति पर डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुति के साथ हुई, जिसने विद्यार्थियों को जनजातीय जीवन, परंपराओं व आदिवासी नायकों के प्रेरक योगदान से परिचित करवाया। 3 नवम्बर को विद्यालय प्रांगण में मिस गीता द्वारा “Tribal Wall Art Project” के अंतर्गत विद्यार्थियों को ‘वारली’ तथा ‘गोंड’ कला शैली से अवगत कराया गया व विद्यार्थियों ने विद्यालय की दीवारों पर आकर्षक जनजातीय आर्ट बनाकर अपनी सृजनात्मक समझ प्रदर्शित की। 4 नवम्बर को श्री जितेन्दर गोगिया के नेतृत्व में “Tribal Story Telling Competition” आयो
जित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने आदिवासी कथाओं, लोककथाओं और नायकों की प्रेरक गाथाओं का मंचन कर उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। इसी क्रम में मिस ममता गौड़ द्वारा क्विज़ प्रतियोगिता, मिस सरिता द्वारा निबंध लेखन, तथा मिस सुशीला बरनवाल द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने जनजातीय जीवन, चुनौतियों, कला और सामाजिक योगदान पर भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। 7 नवम्बर को मिस निकेता द्वारा वर्चुअल म्यूज़ियम टूर आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न संग्रहालयों में संरक्षित जनजातीय कलाकृतियों, परिधानों, हथियारों एवं सांस्कृतिक धरोहर का अवलोकन किया। 13 व 14 नवम्बर को मिस ज्योति (कॉमर्स) तथा मिस सरिता द्वारा जनजातीय नृत्य एवं जनजातीय व्यंजनों पर गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिन्हें विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ प्रस्तुत एवं अनुभव किया। प्राचार्य मनचंदा की अध्यक्षता में पखवाड़े का समापन 15 नवम्बर को विशेष सभा के माध्यम से हुआ, जिसका संचालन पीजीटी (शारीरिक शिक्षा) दीपांजली शर्मा एवं श्री जितेन्दर गोगिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर महान जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विद्यार्थियों ने पखवाड़े के दौरान सीखे गए अनुभवों को साझा किया। विभिन्न प्रस्तुतियाँ—प्रोजेक्ट, कला-पोस्टर, जनजातीय संस्कृति पर शोध कार्य तथा सामूहिक विचार-विमर्श—ने इस आयोजन को और भी प्रभावशाली बनाया। प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने पूरे पखवाड़े के दौरान उत्कृष्ट रूप से कार्य करने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों की प्रशंसा की तथा संदेश दिया कि भारत की जनजातीय विरासत हमारी सांस्कृतिक विविधता की आत्मा है, जिसे समझना, सम्मानना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना प्रत्येक विद्यार्थी का उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, जागरूकता और विचारशीलता को बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्र के विविध समुदायों के योगदान को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं। मनचन्दा सर ने अंत में यह भी कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय गौरव की भावना को सुदृढ़ करता रहेगा।
जित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने आदिवासी कथाओं, लोककथाओं और नायकों की प्रेरक गाथाओं का मंचन कर उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। इसी क्रम में मिस ममता गौड़ द्वारा क्विज़ प्रतियोगिता, मिस सरिता द्वारा निबंध लेखन, तथा मिस सुशीला बरनवाल द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने जनजातीय जीवन, चुनौतियों, कला और सामाजिक योगदान पर भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। 7 नवम्बर को मिस निकेता द्वारा वर्चुअल म्यूज़ियम टूर आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न संग्रहालयों में संरक्षित जनजातीय कलाकृतियों, परिधानों, हथियारों एवं सांस्कृतिक धरोहर का अवलोकन किया। 13 व 14 नवम्बर को मिस ज्योति (कॉमर्स) तथा मिस सरिता द्वारा जनजातीय नृत्य एवं जनजातीय व्यंजनों पर गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिन्हें विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ प्रस्तुत एवं अनुभव किया। प्राचार्य मनचंदा की अध्यक्षता में पखवाड़े का समापन 15 नवम्बर को विशेष सभा के माध्यम से हुआ, जिसका संचालन पीजीटी (शारीरिक शिक्षा) दीपांजली शर्मा एवं श्री जितेन्दर गोगिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर महान जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विद्यार्थियों ने पखवाड़े के दौरान सीखे गए अनुभवों को साझा किया। विभिन्न प्रस्तुतियाँ—प्रोजेक्ट, कला-पोस्टर, जनजातीय संस्कृति पर शोध कार्य तथा सामूहिक विचार-विमर्श—ने इस आयोजन को और भी प्रभावशाली बनाया। प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने पूरे पखवाड़े के दौरान उत्कृष्ट रूप से कार्य करने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों की प्रशंसा की तथा संदेश दिया कि भारत की जनजातीय विरासत हमारी सांस्कृतिक विविधता की आत्मा है, जिसे समझना, सम्मानना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना प्रत्येक विद्यार्थी का उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, जागरूकता और विचारशीलता को बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्र के विविध समुदायों के योगदान को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं। मनचन्दा सर ने अंत में यह भी कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय गौरव की भावना को सुदृढ़ करता रहेगा।

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