हरियाणा पुलिस अकादमी (HPA) मधुबन में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर ने अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर नागरिक की शिकायत पर त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील कार्यवाही हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि थानों और चौकियों में आने वाली शिकायतों के निष्पादन का तरीका पुलिस की छवि को तय करता हैं और इसलिए प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेना आवश्यक है। बैठक में पुलिस मुख्यालय के उच्चाधिकारी, रेंज आईजी, पुलिस अधीक्षक और जिला स्तर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
डीजीपी कपूर ने कहा कि हर शिकायतकर्ता थाने तक न्याय पाने की उम्मीद लेकर आता है, जिसे हमें सर्वोच्च प्राथमिकता से निष्पादन करना चाहिए। इसीलिए यह पुलिस की जिम्मेदारी है कि शिकायतों को ध्यान से सुना जाए और तथ्यों का गहराई से अध्ययन कर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने के बाद शिकायतकर्ता को रसीद अवश्य दी जाए, ताकि उसे यह भरोसा रहे कि उसकी समस्या के समाधान के लिए पुलिस काम कर रही है।
डीजीपी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को वे स्वयं सुनें और केवल अधीनस्थों पर न छोड़ें। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास आने वाला व्यक्ति पहले से ही परेशान होता है, इसलिए थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी संवेदनशीलता से उसका दर्द समझें।
शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की असली छवि थाने और चौकियों की कार्यप्रणाली से बनती है। यदि शिकायतों पर समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई होगी, तो पुलिस की छवि सकारात्मक बनेगी।
डीजीपी ने कहा कि शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए प्रत्येक शिकायत पर फीडबैक प्रणाली को पहले की अपेक्षा सुदृढ़ किया गया है। शिकायतकर्ता से फोन पर लिए जाने वाले फीडबैक की रिकॉर्डिंग की जाती है। उन्होंने जिलों में तैनात उच्चाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे समय-समय पर इन रिकॉर्डिंग को रैंडमली सुनकर इनकी जांच अवश्य करें।
यदि कोई शिकायतकर्ता असंतुष्ट है, तो अधिकारियों को उसका कारण जानने की कोशिश करनी चाहिए। जिलों में शिकायतों को लेकर की जाने वाली रिकॉर्डिंग की पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी मॉनिटरिंग की जाती है।

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