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फरीदाबाद 5 सितंबर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी) के प्रतिनिधि मंडल ने आज यमुना नदी में आई भयंकर बाढ़ से डूबे हुए गांवों का दौरा किया। पार्टी के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने कहा है। की आम लोगों के बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए शीघ्र ही मुख्यमंत्री के नाम सीपीएम की तरफ़ से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि यमुना उफान पर है। नदी का पानी काफी वेग से बह रहा है। जो आबादी के अंदर पहुंच गया है। ब
संतपुर में हजारों लोगों के मकान पानी में डूब गए। उनकी खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। इसी तरह ददसिया, किडावली, महावतपुर, कांवरा,अमीपुर, नचोली,चीरसी, लालपुर राजापुर कलां भोपानी, अमीपुर, अलीपुर तिलोरी,दलेलपुर, मंझावली , मौजाबाद, शेखपुर में पानी खेतों के अंदर पहुंच गया। यहां के रास्ते डुब गए हैं। जिसकी वजह से इन गांवों की हजारों एकड़ खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब गई है। प्रतिनिधि मंडल में सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल शिवप्रसाद और निरंतर पराशर पूर्व कर्मचारी नेता महावीर त्यागी भी साथ में रहे। उन्होंने बताया कि बसंतपुर में जलस्तर बढ़ता जा रहा है। लोगों के मकान जमुना नदी के किनारे में बने हुए हुए हैं। जबकि यह जमीन सिंचाई विभाग के बांध एरिया के अंतर्गत आता है। प्रतिनिधि मंडल ने सरकार से पीड़ित परिवारों को यथासंभव सहायता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के आमदनी के स्रोत नहीं है। जो दिहाड़ीदार है। उन्हें काम नहीं मिल रहा है उनको प्रतिदिन के हिसाब से जब तक सब सामान्य नहीं हो जाता है। जीवन की गाड़ी पटरी पर नहीं आ जाती तब तक ₹600 प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जाए। जिन लोगों की सब्जी की फसल डूब गई है। उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। जिन लोगों के खेतों में धान, ज्वार, मक्का की फसल डूब चुकी है। उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। जिसमें धान, ज्वार, मक्का की फसल डूब चुकी है। उसकी विशेष गिरदावरी की जाए। उनके नुकसान का जायजा लेकर क्षतिपूर्ति र्पोर्टल में डाला जाए। जिन लोगों के घरों में पानी घुस गया हैं। या उनके मकान गिर गए हैं। उनकी भी नुकसान की भरपाई की जाए। इसके साथ-साथ जलमग्न खेतों में पानी की निकासी के लिए अतिरिक्त पंप लगाए जाएं। खड़े पानी में बीमारी पनपने नहीं पाए। इसके लिए दवाइयां का छिड़काव किया जाए। जिन लोगों के पास आवास की व्यवस्था नहीं है। उन्हें उचित स्थान पर ठहराया जाए।

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