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फरीदाबाद, 10 सितम्बर। 11 सप्ताह के सफाई अभियान के दौरान सफाई कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द करने के विरोध में तथा सफाई के उपकरण व सुरक्षा उपकरण व संसाधन उपलब्ध करवाने व रिक्त पदों पर पक्की भर्ती करने को लेकर आज प्रदेश के सभी पालिकाओं, परिषदों व नगर निगमों के कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के विधायकों के आवास पर विरोध प्रदर्शन करते हुए संघ ने मांगों व समस्याओं का ज्ञापन पत्र उनके प्रतिनिधिओं को सौंपा।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर आज फरीदाबाद की तीनों विधानसभा क्षेत्र क्रमश: एनआईटी-86 के विधायक सतीश फागना के प्रतिनिधि एवं छोटे भाई कविन्द्र चौधरी, बडख़ल-87 के विधायक धनेश अदलक्खा के पीए और बल्लभगढ़ क्षेत्र के विधायक मूलचंद शर्मा के बड़े भाई पं. टिपरचंद शर्मा शामिल रहे।
आज के प्रदर्शनों का नेतृत्व नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान दलीप बोहत, जिला सचिव अनिल चिंडालिया एवं सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर बालगुहेर एवं संघ राज्य सचिव व सीवरमैन यूनियन के प्रधान अनूप चिंडालिया कर रहे थे। इन सभी नेताओं ने अपने-अपने सम्बोधनों में कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है, हरियाणा कौशल रोजगार के नाम पर 90 दिनों से कम दिनों के लिए आरडब्ल्यूए व एनजीओ के माध्यम से सफाई कर्मचारियों को लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जोकि सरासर गलत है और श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
सरकार ने इस अभियान को चलाने से पहले अधिकारियों को सभी उपकरण संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए वित्तीय अधिकार दे दिए थे लेकिन सफाई अभियान के दो हफ्ते बीतने के बाद भी सफाई कर्मचारियों को किसी प्रकार का कोई उपकरण व संसाधन उपलब्ध नहीं हुये है और नकली भर्ती के नाम पर केवल ड्रामा किया जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है की सफाई अभियान केवल सरकार के लिए जनता में अपनी छवि साफ करने का अभियान है न की प्रदेश से गंदगी को साफ करना। उन्होंने कहा की लंबे समय से प्रदेश के शहरों में कूड़ा जमा है जिसको छुपाया जा रहा है। शहर से बाहर ले जाकर कूड़े का निपटान नहीं किया जा रहा है और सफाई अभियान के नाम पर राजनेता अधिकारी एवं अन्य लोग प्रिकॉशन के साथ केवल प्रेस कवरेज के लिए वीडियो फोटो बनवाते नजर आते हैं।
नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर ने कहा कि सफाई कर्मचारी इस अभियान को सफल बनाने के लिए तैयार हैं बशर्ते सरकार अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जरूरत की वस्तुएं संसाधन व मैनपावर की कमी को पूरा करें। प्रदेश के सफाई कर्मचारियों ने हमेशा प्रदेश की जनता के हित में काम किया है, कॉविड 19 या अन्य बड़ी-बड़ी महामारी में अपने जीवन को दाव पर लगाकर अपनी सेवाएं दी है, हम आज भी तैयार हैं। सरकार हमारे अधिकार और संसाधन देने में फेल है। भारी वर्षा और जल भराव के कारण बीमारियां फैलने की अधिक आशंका है, इसलिए प्रदेश के सफाई कर्मचारी जनहित में ईमानदारी से काम कर रहे हैं। यदि तुरंत प्रभाव से सफाई कर्मचारियों के साप्ताहिक अवकाश पर लगाई गई रोक नहीं हटाई नकली भर्ती के स्थान पर पक्की भर्ती नहीं की और सफाई के उपकरण सुरक्षा उपकरण संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए तो पालिका, परिषद व निगम के कर्मचारी जनता में सरकार की पोल खोलेंगे और कल 11 सितंबर को प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के आवास पर जोरदार झाडू प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगें। इसके बाद 26 सितंबर को सभी जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगें।
आज के विरोध प्रदर्शन में अन्य के अलावा संघ की राज्य उपाध्यक्ष कमला देवी, रघुवीर चौटाला,श्रीनन्द डाकोलिया, महेन्द्र कुडिय़ा, जितेंद्र छाबड़ा, प्रदीप चांवरिया, प्रेमपाल, दान सिंह, राजबीर चिण्डालिया, नरेश भगवाना, राजेश कामा, राकेश मेडवाल, सुरेन्द्र चौटाला, लक्ष्मण पारछा, देवा तमोली, विक्की हंस, विरेन्द्र भण्डारी, कुमारपाल बालगुहेर, विशाल, मुकेश बेनीवाल, महिला नेता सुरेश देवी, ललिता, शकुन्तला, सत्तों, कमलेश, कविता, राजवती, संतोष, किरण आदि नेता उपस्थित रहे।

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