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सी पी आर का ज्ञान बचाए जान - एस पी सी कैडेट्स को सी पी आर का प्रशिक्षण दिया

Posted by : pramod goyal on : Monday, 4 August 2025 0 comments
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 हरियाणा राज्य की रेड क्रॉस शाखा के निर्देशानुसार एवम फरीदाबाद जिला की रेड क्रॉस शाखा के सौजन्य से राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा फरीदाबाद की जूनियर रेडक्रॉस, सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड और स्काउट्स गाइड्स ने प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में सी पी आर देने का प्रशिक्षण एवं हार्ट अटैक से बचाव के तरीके बताए। जे आर सी प्रभारी एवं नेशनल सर्व मास्टर ट्रेनर प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने सभी का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्राथमिक चिकित्सा का


ज्ञान बहुमूल्य जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा हम सभी का कर्तव्य है कि एक रिस्पॉन्सिबल सिटीजन के रूप में प्राथमिक चिकित्सा की जीवन रक्षक तकनीकों को आत्मसात कर आपात स्थितियों में बहुमूल्य जीवन को बचाएं। रेड क्रॉस के प्रशिक्षक मनमोहन शर्मा ने सराय ख्वाजा फरीदाबाद के एस पी सी कैडेट्स, जे आर सी और एस जे ए बी सदस्यों को बताया कि सीपीआर अर्थात कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन के सात चरणों में घटनास्थल और व्यक्ति की जांच करना, सहायता के लिए पर कॉल करना, वायुमार्ग खोलना अर्थात व्यक्ति को पीठ के बल लिटाकर उसकी ठुड्डी को ऊपर उठाने के लिए सिर को थोड़ा पीछे झुकाएं, सांस लेने की जांच करना यदि सांस नहीं आ रही है तो सीपीआर आरंभ करें, छाती पर दबाव डालना तथा कम से कम 2 इंच गहराई तक दबाव देने में सहायता के लिए अपने शरीर के वजन का उपयोग करें और प्रति मिनट कम से कम 100 दबाव की दर से दबाव डालें। बचाव सांस देना अर्थात व्यक्ति के सिर को थोड़ा पीछे झुकाकर और ठुड्डी को ऊपर उठाकर, नाक को बंद कर लें और अपना मुंह उस व्यक्ति के मुंह पर रखकर पूरी सील बना लें। छाती को ऊपर उठाने के लिए व्यक्ति के मुंह में फूंक मारें तथा दो बचाव साँसें दें, फिर दबाव डालना जारी रखें और सीपीआर चरणों को दोहराते रहें। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा ने बताया कि सी पी आर एक आपातकालीन प्रक्रिया है जो छाती को दबाने और कृत्रिम सांस लेने का एक संयोजन है जिसका उपयोग किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए किया जाता है जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर देता है या सांस लेना बंद हो जाता है। जब तुरंत प्रदर्शन किया जाता है तो सीपीआर कार्डिक अरेस्ट के बाद किसी व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना बढ़ा सकता है। प्राचार्य मनचंदा ने सी पी आर सिखाने के लिए आए हुए अतिथि एवं प्रोग्राम को भली भांति कोऑर्डिनेट करने के लिए प्राध्यापिका दीपांजलि का आभार और धन्यवाद व्यक्त करते हुए विद्यालय की जे आर सी एवम एस जे ए बी सदस्यों का सी पी सी आर पर जागरूक होने के लिए प्रशंसा की और सभी वॉलिंटियर्स को सी पी आर का डमी पर समुचित अभ्यास करने के लिए कहा ता कि किसी भी इमरजेंसी में ह्रदय आघात की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को सी पी आर के माध्यम से  चिकित्सालय पहुंचा कर बहुमूल्य जीवन की रक्षा की जा सके।


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