फरीदाबाद में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम दिखावा बनकर रह गया है। राजस्तरीय इस कार्यक्रम में विभाजन का वास्तविक दंश झेलने वाले लोगों की उपेक्षा करके केवल फरीदाबाद से एक ही व्यक्ति को सम्मानित किया गया। जिसका विभाजन के समय कोई विशेष योगदान नहीं रहा था। जबकि फरीदाबाद में कई ऐसे व्यक्ति है, जिन्होंने उस समय गोली भी खाई थी। ऐसे लोगों को कार्यक्रम का निमंत्रण तक नहीं दिया गया और उनकी उपेक्षा की गई। इससे साफ़ जाहिर होता है कि सरकार और भाजपा का यह कार्यक्रम मात्र दिखावा ही था। जिसमें नेताओ ने अपने पसंदीदा लोगों को ही आमंत्रित किया और सम्मानित भी कराया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनहोर लाल खट्टर विशेष रूप से मौजूद थे। यह जांच का विषय है कि कार्यक्रम में वास्तविक लोगो की उपेक्षा करके सरकार की किरकिरी कराने के पीछे किसका का हाथ है।

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