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एआईसीटीई के समर्थन और एवीपीएल के सहयोग से मानव रचना यूनिवर्सिटी में एरोविज़न ड्रोन लैब (iFLY) का उद्घाटन

Posted by : pramod goyal on : Friday, 25 July 2025 0 comments
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 फरीदाबाद, 25 जुलाई 2025मानव रचना यूनिवर्सिटी में आज एक अग्रणी ड्रोन प्रशिक्षण एवं नवाचार केंद्र ‘एरोविज़न ड्रोन लैब’ (iFLY – इनोवेशन इन फ्लाइट लैबोरेटरी फॉर यूथका उद्घाटन हुआ। एआईसीटीई के सहयोग और एवीपीएल की साझेदारी में स्थापित यह लैब भारत की भविष्य-उन्मुखकुशल ड्रोन वर्कफोर्स को तैयार करने की दि


शा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उद्घाटन प्रो. (डॉ.) अनिल सहस्रबुद्धेअध्यक्ष - नेशनल एजुकेशनल टेक्नोलॉजी फोरम (NETF), नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (NBA) और नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) के अध्यक्ष ने किया। इस अवसर पर एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोटी.जीसीताराम और मानव रचना शैक्षणिक संस्थानों के वरिष्ठ गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

iFLY लैब को एक बहु-विषयक केंद्र के रूप में विकसित किया गया हैजो कंप्यूटर साइंसमैकेनिकलरोबोटिक्सइलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे बी.टेकविशेषीकरण के छात्रों को ड्रोन पायलटसेवा तकनीशियन और बैटरी सिस्टम विशेषज्ञ जैसे उभरते करियर के लिए तैयार करेगा। इसका उपयोग कृषिनिगरानी और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अनिल सहस्रबुद्धे ने कहाआज की पीढ़ी को उन तकनीकों का वास्तविक अनुभव मिलना चाहिए जो भारत के भविष्य को दिशा देंगी। iFLY सिर्फ एक प्रशिक्षण केंद्र नहींबल्कि यह शैक्षणिक उत्कृष्टता और राष्ट्रीय आवश्यकता का समागम है। कृषिइन्फ्रास्ट्रक्चररक्षा और आपातकालीन सेवाओं में ड्रोन की भूमिका निरंतर बढ़ रही है और ऐसे में मानव रचना की यह पहल तकनीकी शिक्षा के सही भविष्य को दर्शाती है।

मानव रचना में अंतरविषयक और नवाचार आधारित शिक्षण को प्राथमिकता दी जाती हैऔर iFLY लैब इस सोच को धरातल पर उतारता हैजहाँ व्यावहारिक प्रशिक्षणउद्योग से जुड़ी समझ और समन्वित शिक्षा एक साथ मिलते हैं।

प्रोटी.जीसीतारामअध्यक्ष, AICTE ने कहाहम एक ऐसे समय में जी रहे हैं जहाँ AI, मशीन लर्निंगब्लॉकचेनरोबोटिक्सक्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसी तकनीकें उद्योगों को पुनर्परिभाषित कर रही हैं। ऐसे में जीवनभर सीखना और लगातार स्किल्स को अपग्रेड करना अब विकल्प नहींबल्कि आवश्यकता बन चुका है।

यह लैब एवीपीएल के सहयोग से स्थापित की गई हैजो ड्रोन निर्माणप्रशिक्षण और एग्रीटेक आधारित वर्कफोर्स डेवलपमेंट में कार्यरत है। इस साझेदारी से छात्रों को उद्योग की नवीनतम तकनीकोंकार्यप्रणालियों और रोजगार केंद्रित सर्टिफिकेशन्स का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।

राजीव गुलाटीएविएशन एंड पावर लिमिटेड ने कहा“iFLY के माध्यम से हम ड्रोन इनोवेशन को उच्च शिक्षा का हिस्सा बना रहे हैं। मैकेनिकलइलेक्ट्रॉनिक्सडिजाइनसंचार या फिर कृषि और सिविल इंजीनियरिंगयह लैब छात्रों को वास्तविकबहु-विषयक सीखने का अवसर प्रदान करती है।

डॉप्रशांत भल्लाअध्यक्ष – मानव रचना शैक्षणिक संस्थान ने कहा“iFLY एक ज्ञान आधारित इकोसिस्टम की शुरुआत है जहाँ नवाचारकौशल और उद्योग एक साथ आते हैं। हमारे छात्र सिर्फ आज के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं करेंगेबल्कि भारत में इस उद्योग के भविष्य को भी आकार देंगे। मानव रचना में हम अपने इंजीनियरों को ऐसी शिक्षा और अनुभव देते हैंताकि वे भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप नवाचार कर सकें।

डॉअमित भल्लाउपाध्यक्ष, MREI ने कहासबसे शक्तिशाली विचार वहीं जन्म लेते हैं जहाँ विषयों का मेल होता है। ड्रोन केवल उड़ने वाली मशीनें नहीं हैंये मैकेनिकल सिस्टम्सएम्बेडेड इंटेलिजेंस, AI और मानवीय सोच का संगम हैं। iFLY हमारे छात्रों को समेकित सोच के साथ समस्या समाधान की दिशा में प्रेरित करेगा।

प्रो. (डॉ.) दीपेंद्र कुमार झाकुलपतिमानव रचना यूनिवर्सिटी ने कहा“iFLY एक ऐसा मंच बनेगा जहाँ ड्रोन सेवाओं में एप्लाइड रिसर्चउत्पाद विकास और स्टार्टअप इनक्यूबेशन को बढ़ावा मिलेगा। कृषि में एरियल एनालिटिक्स से लेकर आपदा प्रबंधन में ऑटोमेटेड रिस्पॉन्स तकइसके उपयोग की कोई सीमा नहीं है। हमारा लक्ष्य केवल पेशेवर तैयार करना नहींबल्कि तकनीक में जिज्ञासानवाचार और नेतृत्व की भावना भी जगाना है।

iFLY लैब का उद्देश्य भारत में विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित ड्रोन पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। यह ‘ड्रोन शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप हैजो ऑपरेटर स्तर से लेकर मेंटेनेंससिस्टम इंटीग्रेशन और AI-समर्थित ड्रोन इंटेलिजेंस तक की क्षमता निर्माण पर केंद्रित हैं।

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