गुरुग्राम में हीरो होंडा चौक के पास डेढ़ एकड़ बेशकीमती जमीन को धोखाधड़ी से बेचने के मामले में पुलिस ने चार नायब तहसीलदार, एक पटवारी और HSVP कर्मचारियों समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह जमीन पूर्व उद्योगपति राकेश बत्रा ने कथित तौर पर कादीपुर तहसील स्टाफ के साथ मिलीभगत करके बेच दी।
जानकारी के मुताबिक हरियाणा शहरी विकास परिषद (HSVP) ने इस जमीन का अधिग्रहण सेक्टर-37 के औद्योगिक क्षेत्र के विकास और बादशाहपुर नाले को चौड़ा करने के लिए किया हुआ था, यह मामला तब सामने आया जब रेवाड़ी के रहने वाले प्रवीण राव ने पिछले साल मई महीने में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में शिकायत दी थी।
उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि साल 2022 में DLF निवासी राकेश बत्रा ने गुरुग्राम नगर निगम, कादीपुर तहसील और HSVP के अधिकारियों और कर्मचारियों से साथ मिलकर अधिग्रहित जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी काटी और फिर उसे बेच डाला।
इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच में सामने आया कि राकेश बत्रा ने कादीपुर तहसील कर्मचारी से मिलीभगत कर ली और फिर पांच एकड़ जमीन पर 22 प्लॉट काट दिए और इन प्लॉट को अलग-अलग लोगों को बेच दिया था। सात अलग-अलग हिस्सों में 11759 वर्ग गज जमीन को अपने भाई पवन बत्रा और बेटे अमन बत्रा के नाम कर दिए। आरोप है कि राकेश बत्रा ने ज्यादातर प्लॉट HSVP के एक वरिष्ठ अधिकारी रहे गुलशन कुमार के परिवार को भी बेचे हैं। गुलशन कुमार की पत्नी वंदना के नाम पर दो रजिस्ट्रियां हुईं है। आरोप है कि बत्रा ने HSVP की 7712 वर्ग गज जमीन को बेचा है।
-राकेश बत्रा, नायब तहसीलदार सतीश कुमार, पारुष पहल, नेहा, अख्तर हुसैन, पटवारी सूरतमल, एचएसवीपी के पूर्व अधिकारी गुलशन कुमार।
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