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फरीदाबाद, 10 जुलाई - जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने कर्मचारियों के बच्चों को सुरक्षित, पोषणकारी और मैत्रीपूर्ण वातावरण प्रदान करने के लिए ‘बाल वाटिका’ क्रेच एवं डे-केयर सेंटर स्थापना करते हुए कल्याणकारी पहल की
है।विश्वविद्यालय के आवासीय खंड में नीलगिरी भवन की पहली मंजिल पर विकसित क्रेच एवं डे-केयर सेंटर का शुभारंभ आज कुलगुरु प्रो. सुशील कुमार तोमर द्वारा किया गया। इस अवसर पर समाज सेविका श्रीमती जयमाला तोमर और कुलसचिव डॉ. अजय रँगा उपस्थित थे। क्रेच एवं डे-केयर सेंटर विश्वविद्यालय के कार्य समय के दौरान संचालित किया जायेगा। यह 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए होगा, जिसमें 15 बच्चों को समायोजित किया जा सकता है। इस सुविधा को संवेदनशील और समावेशी वातावरण सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें तीन समर्पित क्षेत्र हैं- प्ले एरिया, स्लीपिंग एरिया और एक्टिविटी एरिया, सभी वातानुकूलित और संलग्न वॉशरूम से सुसज्जित हैं। आंतरिक साज-सज्जा में बाल-मैत्रीपूर्ण कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए कुलगुरु प्रो. सुशील कुमार तोमर ने कहा कि “‘बाल वाटिका’ की स्थापना कर्मचारियों के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो उनके बच्चों के लिए एक सुरक्षित और प्रेरक वातावरण प्रदान करता है। उन्होंने क्रेच एवं डे-केयर सेंटर में रचनात्मकता और आकर्षक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए क्रेच एवं डे-केयर सेंटर की प्रोफेसर प्रभारी प्रो. नीलम तुर्क ने बताया कि इस सेंटर में बच्चों की आयु के उपयुक्त फर्नीचर और खेल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें स्लाइड, सी-सा और सुरक्षित, मजबूत खिलौने शामिल हैं, जिनमें कोई नुकीले किनारे नहीं हैं। खेल क्षेत्रों में चोटों से बचाने के लिए फर्श पर रबर मैट बिछाई गई है। प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए परिचारक की नियुक्त भी की गई है। हालांकि, बच्चों के लिए भोजन और व्यक्तिगत सामान की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी अभिभावकों की होगी।
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