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सराय ख्वाजा फरीदाबाद स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा विभाग के आदेशानुसार प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में ड्रग्स डी एडिक्शन पर जूनियर रेडक्रॉस और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड ने पेंटिंग तथा पोस्टर मेकिंग कॉम्पिटिशन का आयोजन किया। विद्यालय की जे आर सी और एस जे ए बी अधिकारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने छात्राओं को ड्रग्स अर्थात नशीली वस्तुओं के बारे में बताते हुए कहा कि ड्रग्स ऐसा रसायन होता है जिसे ग्रहण करने से किसी जीव की शरीरक्रिया या मनोदशा में विशेष परिवर्तन होता है। साधारण रूप से ड्रग्स और पोषण करने वाले खा
द्यपदार्थों को भिन्न समझा जाता है। ड्रग्स को खाकर, पीकर, चूसकर, इंजेक्शन द्वारा, त्वचा पर लगाकर और अन्य रूपों से ग्रहण करने से स्वास्थ्य और मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है। नशे की लत से ग्रस्त होने से सामान्यतः एक या एक से ज़्यादा स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं, जिनमें फेफड़े या हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ सम्मिलित हो सकती हैं विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए प्राचार्य मनचंदा ने कहा कि इमेजिंग स्कैन, छाती का एक्सरे और रक्त परीक्षण पूरे शरीर में लंबे समय तक नशीली दवाओं के सेवन के हानिकारक प्रभावों को दिखा सकते हैं। इन नशीले पदार्थों के सेवन से बेहोशी, विषाक्तता और मृत्यु, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक निर्भरता, मस्तिष्क, हृदय और यकृत जैसे महत्वपूर्ण अंगों को हानि, सीखने और स्मरण रखने में असमर्थता और अवसाद, मनोविकृति और गंभीर चिंता जैसी मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी हो सकती हैं काउंसलिंग एवं उचित मार्गदर्शन तथा मनोवैज्ञानिक माध्यम से ड्रग्स छुड़ाने का उपचार किया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को ड्रग मुक्त स्वस्थ समाज बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग समय समय पर ड्रग्स के विरुद्ध निरंतर जागरूकता अभियान चला रही हैं। हरियाणा सरकार द्वारा ड्रग्स, नशा एवं धूम्रपान मुक्ति के लिए विशेष तथा नियमित रूप से सभी के लिए विशेषतः युवाओं के सतर्क रहने के लिए कहा जा रहा है अतः हम सभी को भी देश एवं समाज को ड्रग्स रूपी बुराई से पार पाना होगा। प्राचार्य मनचंदा ने कहा कि देश से ड्रग्स तथा नशा समाप्त करने का उद्देश्य लोगों को ड्रग्स एडिक्शन की बुरी आदत से छुटकारा दिलाना तथा शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव से बचाना है। पोस्टर मेकिंग और पेटिंग प्रतियोगिता में अध्यापिका सोनिया जैन, सरिता, दीपांजलि, सुशीला, ममता एवं गीता का विशेष सहयोग रहा।विद्यार्थियों ने बहुत ही आकर्षक पेटिंग्स और पोस्टर द्वारा ड्रग्स के हानिकारक प्रभावों से सचेत किया। प्राचार्य मनचंदा ने इन दोनों प्रतियोगिताओं में शालू और शिवानी को प्रथम, भूमी और मुस्कान को द्वितीय और ओमवती और साधना को तृतीय रहने पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी सहयोगी अध्यापक उपस्थित रहे।
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