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एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज इंडिया के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से देशभर में समुदायों को किया जागरूक

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 10 July 2025 0 comments
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 फरीदाबाद, 10 जुलाई 2025: भारत के गाँवों, छोटे शहरों और महानगरों में समुदायों को जोड़ने के उद्देश्य से, एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज इंडिया के बच्चोंजो बाल पंचायतों का हिस्सा हैंने नुक्कड़ नाटकों के ज़रिए जागरूकता अभियान चलाया। इन नाटकों के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि बच्चों के सम्पूर्ण विकास में उनके माता-पिता और समुदाय की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो


ती है। यह पहल एसओएस इंडिया के फैमिली स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम (FSP) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुदायों तक पहुंच बनाना और बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।

1990 के दशक से ही FSP से जुड़े बच्चे अपने समुदायों में सामाजिक मुद्दों पर छोटे-छोटे नाटक प्रस्तुत करते आए हैं। 2010 से यह गतिविधि FSP का अभिन्न अंग बन चुकी है। ये नुक्कड़ नाटक एक प्रभावी और अनौपचारिक माध्यम बन गए हैंजिनके ज़रिए जागरूक अभिभावकतासमुदाय की सक्रिय भागीदारीऔर इन दोनों का बच्चों के मानसिकभावनात्मक और सामाजिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर किया जाता है। ये नाटक वयस्कों को बच्चों के लिए अधिक सहयोगात्मक और पोषणयुक्त वातावरण बनाने  उसका समर्थन करने के लिए प्रेरित करते हैंजिससे बच्चों में आत्मविश्वासजिम्मेदारी और लचीलापन विकसित होता हैजो कि एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज इंडिया के मूल उद्देश्य से मेल खाता हैहर बच्चा एक सुरक्षितस्नेहमय और सहयोगपूर्ण वातावरण में पले-बढ़े।

एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज इंडिया के सीईओ सुमंत कर ने कहा, “ हम मानते हैं कि जब बच्चों को स्वयं को अभिव्यक्त करने का अवसर दिया जाता हैतो वे परिवर्तन के वाहक बनते हैं। पिछले एक दशक से भी अधिक समय सेहमारा फैमिली स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम बाल पंचायतों को प्रोत्साहित कर रहा है कि वे नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से शिक्षाबाल अधिकारजलवायु परिवर्तन और सुरक्षा जैसे स्थानीय मुद्दों को रचनात्मक तरीके से उजागर करें। ये नाटक केवल प्रस्तुतियां नहींबल्कि भागीदारी के मंच हैंजहाँ 10 से 17 वर्ष की उम्र के बच्चे स्क्रिप्ट से लेकर अभ्यास और प्रस्तुति तकसभी चरणों में नेतृत्व करते हैं। बच्चेबच्चों की आवाज़ बनते हैंऔर यह ‘पीयर-टू-पीयर’ मॉडल उनके समग्र विकास की दिशा में एक ठोस कदम है।

नुक्कड़ नाटक देशभर के उन सभी स्थानों पर आयोजित किए जाते हैं जहाँ एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज इंडिया का FSP सक्रिय है। ये नाटक आमतौर पर तिमाही या अर्धवार्षिक रूप से आयोजित किए जाते हैं और प्रत्येक प्रदर्शन 15 से 30 मिनट का होता है। हर नाटक में लगभग 10 से 20 बच्चे शामिल होते हैंजो अभिनयमंच संचालन और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।

इन नाटकों की थीम आठ प्रमुख विषयों पर केंद्रित होती हैबाल अधिकार और सुरक्षासभी के लिए शिक्षास्वास्थ्य और स्वच्छताबाल विवाह की रोकथामबाल श्रम की रोकथामलैंगिक समानताजलवायु परिवर्तनतथा नशा या घरेलू हिंसा। FSP की टीम बच्चों द्वारा चुने गए विषयों पर उनके साथ ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करती हैजिसके बाद स्क्रिप्ट लेखनप्रतिभा पहचानभूमिकाओं का वितरणअभ्यासमॉक प्रस्तुति और अंत में समुदाय के बीच प्रस्तुति होती है।

स्थानीय समुदायों को सूचित करने के लिए समुदाय मोबिलाइज़र और समूह नेता घोषणाओं और व्यक्तिगत आमंत्रण के माध्यम से लोगों को जोड़ते हैं। प्रत्येक नाटक को देखने के लिए औसतन 100–150 लोग जुटते हैं। कई स्थानों पर इन प्रस्तुतियों से प्रेरित होकर स्थानीय वार्ड और पंचायत प्रतिनिधियों ने सड़क निर्माणजलभराव की सफाई जैसे मुद्दों पर कार्रवाई की है।

हर नाटक केवल प्रस्तुति नहींएक परिवर्तन का क्षण होता हैबच्चों और समुदाय दोनों के लिए। हमने अपने सभी कार्यक्रम स्थलों पर उल्लेखनीय समुदायिक सहभागिता देखी हैजहाँ हर प्रस्तुति सैकड़ों लोगों तक पहुंच रही है। इन बच्चों की आवाज़ें दृढ़तासमानता और गरिमा का संदेश देती हैं। यह पहल सीधे तौर पर हमारे उद्देश्य से जुड़ी हैयह सुनिश्चित करना कि हर बच्चा वह समर्थन और स्नेह पाए जिसकी उसे ज़रूरत हैताकि वह अपने सर्वोत्तम स्वरूप में विकसित हो सके। हमारा लक्ष्य ऐसे समुदायों का निर्माण करना है जहाँ बच्चे सुने जाएंसराहे जाएं और सशक्त बनेंऔर ये नाटक उस सपने को सच होते देखने का माध्यम हैं,” सीईओ ने कहा।

ये प्रस्तुतियां दोहरी भूमिका निभाती हैंएक ओर ये बच्चों के कौशलआत्मविश्वास और विकास को बढ़ावा देती हैंवहीं दूसरी ओर ये समुदाय को शिक्षित और संवेदनशील बनाती हैं। इस प्रकारएसओएस इंडिया के समग्र बाल विकास और सामाजिक परिवर्तन के लक्ष्य को आगे बढ़ाती हैं। इन नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कई बच्चों ने स्कूल में नामांकन कराया है और समुदायों ने बाल पंचायतों को समर्थन देना शुरू किया हैजिससे यह स्पष्ट होता है कि ये प्रस्तुतियां केवल जागरूकता तक सीमित नहींबल्कि ठोस समुदायिक सहभागिता और क्रिया की ओर भी अग्रसर हैं।

एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज इंडिया के बारे में

1964 में स्थापितएसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज इंडिया उन बच्चों को गुणवत्ता युक्त देखभाल सेवाओं की एक श्रृंखला प्रदान करता है जो या तो अपने माता-पिता से वंचित हैं या इस जोखिम में हैं। हमारी विशेष देखभाल पहलोंजैसे फैमिली लाइक केयरफैमिली स्ट्रेंथनिंगकिनशिप केयरशॉर्ट स्टे होम्सफोस्टर केयरयूथ स्किलिंगइमरजेंसी चाइल्ड केयर और स्पेशल नीड्स चाइल्ड केयरका उद्देश्य बच्चों के जीवन को बदलना और उन्हें आत्मनिर्भर एवं समाज का योगदानकारी सदस्य बनाना है।

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