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फरीदाबाद, 18 जुलाई।
शहर के सेक्टर-15 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को एक विशेष निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने बतौर मुख्य अतिथि एवं मेंटर भाग लिया। यह शिविर क्लीन एंड ग्रीन फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्कूली बच्चों को समय रहते नेत्र संबंधी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल हेल्थ मिशन की भावना से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को डिजिटल और तकनीक-आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस दिशा में फरीदाबाद में किया गया यह प्रयास एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।
रिमोट आई केयर तकनीक: आंखों की जांच का नया युग
शिविर की सबसे विशेष बात यह रही कि इसमें परंपरागत जांच विधियों की जगह स्मार्ट डिवाइसेज़ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया गया। बच्चों की आंखों की रेटिना, लेंस और अगला भाग स्कैन करके उसकी डिजिटल इमेज बनाई गई, जिसे विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक डॉ. मनोज मेहता ने रिमोट माध्यम से विश्लेषित किया।
यह तकनीक रीयल टाइम इमेज एनालिसिस के माध्यम से नेत्र संबंधी बीमारियों की त्वरित और सटीक पहचान में सक्षम है, जिससे डॉक्टर बिना मौके पर उपस्थित हुए भी इलाज की दिशा तय कर सकते हैं। शिविर में जिन बच्चों में दृष्टिदोष पाया गया, उन्हें वहीं पर चश्मे भी वितरित किए गए।
शिविर में एक ही दिन में लगभग 400 बच्चों की जांच की गई, जबकि पारंपरिक पद्धति में यह संख्या 6 से 10 के बीच ही संभव होती थी। अब तक 5000 से अधिक बच्चों को इस पहल से लाभ मिल चुका है।
विपुल गोयल ने की पहल की सराहना
शिविर का उद्घाटन करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि तकनीक का ऐसा सार्थक उपयोग न केवल बच्चों की दृष्टि को बचाने में सहायक है, बल्कि यह उनके शैक्षणिक भविष्य को भी सुरक्षित करता है। उन्होंने कहा:
"यह पहल बच्चों की आंखों की जांच से कहीं अधिक व्यापक महत्व रखती है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल हेल्थ मिशन की सटीक व्याख्या है, जिसमें तकनीक के माध्यम से सामान्य परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।"
"क्लीन एंड ग्रीन फाउंडेशन का यह प्रयास सराहनीय है, जिसने समाज सेवा को तकनीक से जोड़ा है। श्री संजय बत्रा और उनकी टीम ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जिस तत्परता और समर्पण के साथ कार्य किया है, वह प्रेरणादायक है।"
विपुल गोयल ने यह भी कहा कि इस मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपनाया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक इसका लाभ पहुंचे।
समाज के लिए एक उपयोगी मॉडल
क्लीन एंड ग्रीन फाउंडेशन के तत्वावधान में संचालित इस अभियान का उद्देश्य केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देना है। बच्चों की आंखों में दृष्टिदोष या एलर्जी जैसी समस्याओं की समय पर पहचान कर उनका तत्काल समाधान किया जा रहा है। इस तकनीक के माध्यम से समय रहते आंखों की रौशनी की पहचान से बच्चों के भविष्य को कई प्रकार की चुनौतियों से बचाया जा सकता है।
विद्यालय प्रशासन और अभिभावकों ने जताया आभार
विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगणों ने इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की तकनीक-आधारित सेवाएं उन बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं जो सामान्यतः इलाज से वंचित रह जाते हैं। अभिभावकों ने भी इस प्रयास को सराहा और कहा कि इससे न केवल समय की बचत हुई, बल्कि भरोसेमंद इलाज भी बच्चों को बिना किसी खर्च के उपलब्ध हो सका।
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