हरियाणा सरकार ने निकायों में होने वाले कामों के लिए मेयरों की वित्तीय शक्तियां बढ़ा दी हैं। अब मेयर दस करोड़ रुपये तक के कामों को स्वीकृति दे सकेंगे। पहले उनके पास केवल ढाई करोड़ तक के कामों को मंजूरी देने के अधिकार थे। इससे ऊपर के कामों की मंजूरी के लिए फाइलें मुख्यालय भेजनी पड़ती थी। वित्तीय शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने मेयर के प्रशासनिक अधिकार भी बढ़ा दिए। अब वे नियमों की अवहेलना करने पर ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों को निलंबित भी कर सकेंगे। इनमें जूनियर इंजीनियर (जेई) भी शामिल हैं। मेयरों की शिकायत थी कि नीचे के स्टाफ काम में लापरवाही बरतते हैं। इसकी वजह से आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा गुरुवार को हरियाणा निवास में आयोजित नगर निगमों के मेयरों व सीनियर डिप्टी मेयर की बैठक में की। सीएम ने मेयरों से कहा कि वे नगर निगम आयुक्तों के साथ सामंजस्य बनाएं, ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि शहरों में प्रॉपर्टी आईडी बनाना एक जटिल प्रक्रिया थी, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। इसके लिए एक एसओपी तैयार की जा रही है, जिसकी एक प्रति आपको भी भेजी जाएगी। दमकल गाड़ियों की संख्या बढ़ाने की मांग को भी सीएम ने मंजूर कर दिया। बैठक में निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त विकास गुप्ता मौजूद रहे।
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