HEADLINES


More

पुलिस सहायता के लिए अब डॉयल 100 की जगह डॉयल करना होगा 112

Posted by : pramod goyal on : Monday, 12 July 2021 0 comments
pramod goyal
Saved under : , ,
//# Adsense Code Here #//

 फरीदाबाद पुलिस अब एक कॉल दूर, तुरंत घटनास्थल पर पहुंचेगी पुलिस, पंचकूला से होगी मॉनिटरिंग


श्री मनोहार लाल, माननीय मुख्यमंत्री जी ने आज पंचकूला में 112 की सेवा का हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ।

इमरजेंसी पुलिस सहायता फरीदाबाद सहित पूरे हरियाणा में अब डॉयल 112 पर होगी उपलब्ध

ERVSS के तहत फरीदाबाद को पलकुलम मुख्यालय से मिली 52 गाड़ियां।

52 गाड़ियों के जरिये जनता की मदद के साथ-साथ अपराधियों पर लगाम लगायेगी फरीदाबाद पुलिसः- पुलिस कमिश्नर श्री ओ पी सिंह

फरीदाबादः- माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार ने आज पंचकूला में पूरे राज्य में कहीं भी पुलिस सेवा प्राप्त करने के लिए केन्द्रिकृत हेल्पलाईन नम्बर डॉयल 100 की जगह डॉयल 112 का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया है।

किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस से संपर्क कर पुलिस की सेवा-सुविधा तथा सहयोग लेने हेतु समेकित रूप से डॉयल 112 को जनता के लिए समर्पित किया गया है।

पुलिस कमिश्नर श्री ओ पी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि फरीदाबाद पुलिस को डॉयल 112 के तहत 52 गाड़ियाँ मिली हैं। जो 24 घंटे 365 दिन लगातार जनता की सेवा के लिए उपलब्ध रहेगी।

डॉयल 112 को प्रभावी रूप से चलाने के लिए इस पर फरीदाबाद पुलिस के विशेष प्रशिक्षण प्राप्त 360 पुलिसकर्मी दिन-रात तैनात रहेंगें।

अब राज्यवासियों को पुलिस के लिए 100, फायर के लिए 101 तथा एंबुलेंस सेवा के लिए 108 डॉयल करने के बजाय अब सारी सुविधा केवल एक हेल्पलाईन नंबर डॉयल 112 पर उपलब्ध रहेगी।

श्री सिंह ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस को मिली सभी 52 गाड़ियाँ आधुनिक उपकरणों से लैश रहेगी, जिसमें जीपीएस सहित अन्य तकनीकी सुविधा होगी।


फरीदाबाद, 12 जुलाई: हरियाणा में आपातकालीन स्थिति के लिए अब से नागरिकों को 112 नंबर डायल करना होगा। यह नई हेल्पलाइन 100 (पुलिस), 101 (फायर), और 108 (एम्बुलेंस) जैसी सभी प्रकार की आपातकालीन सेवाओं के लिए काम करेगी। यह एकीकृत प्रणाली चौबीसों घंटे कार्य करेगी और 13 जुलाई, 2021 को सुबह 8:00 बजे से चालू हो जाएगी।

        हरियाणावासियों को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान के लिए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज पंचकूला में हरियाणा 112- आपातकालीन त्वरित सहायता प्रणाली को लॉन्च किया। इस मौक पर गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज और विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता भी मौजूद थे।

        मुख्यमंत्री ने इस प्रणाली के शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब हरियाणा पुलिस केवल एक कॉल की दूरी पर होगी। कल से किसी भी व्यक्ति को संकट की स्थिति में केवल 112 नंबर पर कॉल करने की आवश्यकता होगी और 15 से 20 मिनट में उस व्यक्ति तक तुरंत पुलिस की मदद पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि नई आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) हरियाणा के नागरिकों को चौबीसों घंटे पुलिस सहायता से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है।

ईआरएसएस हरियाणा के इतिहास में युग का बदलाव

श्री ओपी सिहं ने जानकारी देते हुए बताया की प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसी उद्देश्य से डायल 112 शुरू किया गया है।

 देश भर में सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक ही आपातकालीन नंबर प्रदान करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा डायल-112 परियोजना शुरू की गई थी।  इसके अंतर्गत ही राज्य सरकार द्वारा अपने नागरिकों को तत्काल आपातकालीन सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता के तहत एक मजबूत प्रणाली विकसित करने की परिकल्पना की गई ।  इस अत्याधुनिक प्रणाली से समग्र सुरक्षा परिदृश्य में और सुधार होगा और राज्य भर में अपराध की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।


         मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला से मोबाइल डाटा टर्मिनलों से लैस 630 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल्स को झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद 300 और ऐसे वाहन जोड़े जाएंगे, ताकि हर विधानसभा क्षेत्र में 10 वाहन तैनात करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 300 पीसीआर वाहन हैं, जिन्हें आने वाले समय में आधुनिक तकनीक से युक्त किया जाएगा।

         उन्होंने कहा कि यह तीन साल पहले की बात है जब उन्होंने इजराइल के जेरूसलम का दौरा करने के दौरान एक त्वरित प्रतिक्रिया आपातकालीन प्रणाली देखी थी, जिसमें केवल 90 सेकंड के समय में हर जरूरतमंद को मदद सुनिश्चित की जा रही थी।

         इजराइल के जेरूसलम का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां 5000 से ज्यादा लोग एंबुबाइक सर्विस से जुड़े हैं। ये सभी 24×7 आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।  जैसे ही उनके मोबाइल में अलार्म बजता है, वे घायलों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत अपनी एंबुबाइक के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं। प्राथमिक उपचार देने से लेकर घायलों को अस्पताल ले जाने तक ये वॉलंटियर्स हर घायल व्यक्ति की मदद के लिए चौबीसों घंटे काम करते हैं।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि  इजराइल की इस हाईटेक प्रणाली को देखकर ही हरियाणा के लोगों को भी इस तरह का प्लेटफार्म उपलब्ध कराने की जरूरत महसूस हुई।

हरियाणा 112 से आपातकालीन सेवा प्रदाताओं के बीच जवाबदेही सुनिश्चित होगी

इस अवसर पर बोलते हुए गृह मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा 112 परियोजना पारदर्शिता लाएगी और विभिन्न आपातकालीन सेवा मुहैया करवाने वालों की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी जिससे हरियाणा के निवासियों को त्वरित आपातकालीन सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी।

         श्री विज ने कहा कि इस हाई-टेक प्रणाली के आने से हरियाणा के नागरिक 112 डायल कर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

         उन्होंने कहा कि यह प्रणाली आपातकालीन स्थितियों में पुलिस की तत्काल उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने की दिशा में यह नई व्यवस्था एक महत्वपूर्ण कदम है।

हरियाणा 112 (ईआरएसएस) परियोजना

         पुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादव ने कहा कि आईटी और संचार पहल को मिलाकर हरियाणा पुलिस चरणबद्ध तरीके से जनता को विभिन्न प्रकार की सहायता और सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एक बार कॉल करने के बाद, पुलिस 15-20 मिनट के औसत प्रतिक्रिया समय के भीतर तुरंत सहायता प्रदान करेगी।

       इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दुनिया भर में उन्नत तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं का लाभ उठाते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के लगभग 28 मिलियन निवासियों को 24 घंटे लगातार तत्काल आपातकालीन सेवाएं प्रदान करते हुए सुरक्षा मुहैया करवाना है।

         इस प्रणाली का संचालन लगभग 5,000 प्रशिक्षित कर्मियों, स्पाॅट पर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा-बॉक्स, स्ट्रेचर, अपराध निवारण किट आदि सहित 23 इन-फ्लीट आइटम से लैस 630 नए चार पहिया वाहनों और परियोजना सलाहकारों द्वारा किया जाएगा जिसमें सी-डैक टोटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में कार्य करेगा। हरियाणा 112 एक एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जिसे समस्त हरियाणा राज्य में किसी भी समय और कहीं भी संकटग्रस्त व्यक्तियों को इमरजेंसी सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है।

         हरियाणा 112 परियोजना लोगों, प्रक्रियाओं और उन्नत प्रौद्योगिकियों के स्तंभों पर मजबूत है। यह स्पष्ट है कि बड़ी आपात स्थितियों में, पुलिस को तुरंत घटना स्थल पर पहुंचने की आवश्यकता होती है। इसलिए पुलिस विभाग इस परियोजना को विकसित करने में नोडल एजेंसी रहा है।

पंचकूला में बनाया गया स्टेट एमरजेंसी रिस्पांस सेंटर

         डायल-112 प्रोजेक्ट के लिए पंचकूला के सेक्टर 3 में स्टेट एमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (एसईआरसी) के रूप में एक अत्याधुनिक भवन का निर्माण किया गया है। इस सेंटर को जिला स्तर पर पुलिस नियंत्रण कक्ष और फील्ड में तैनात इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल्स (ईआरवी) से डिजिटल रूप से जोड़ा गया है। मुख्य रूप से सभी आपातकालीन सेवाओं को पूरा करने के लिए इस भवन को उन्नत बुनियादी ढांचे के साथ मजबूत किया गया है। एसईआरसी पर अतिरिक्त कॉल लोड को संभालने और एसईआरसी में किसी भी तकनीकी खराबी के मामले में स्विच ऑपरेशन के लिए, गुरुग्राम में 20 प्रतिशत क्षमता वाला एक मिरर इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (एमईआरसी) स्थापित किया गया है। ये केंद्र फोन कॉल, एसएमएस, ई-मेल, 112 मोबाइल ऐप आदि सहित संचार के कई साधनों का जवाब देने में सक्षम हैं।

डायल 112 परियोजना के लिए 11 अधिकारियों को सम्मानित किया गया

         समारोह के दौरान डायल 112 परियोजना को सफल बनाने के लिए समर्पित रूप से काम करने के लिए मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने आठ पुलिस अधिकारियों और सीडैक के तीन अधिकारियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया।

         पुलिस अधिकारियों में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, दूरसंचार-आईटी और हरियाणा-112 प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी श्री ए.एस. चावला, पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री उदय सिंह मीणा, एसपी श्री. राजेश फोगाट, डीएसपी सुश्री नूपुर बिश्नोई, डीएसपी श्री हिशाम सिंह, सब इंस्पेक्टर श्री श्याम सिंह, हेड कांस्टेबल श्री नवनीत कुमार और मुकेश कुमार शामिल हैं। सीडैक के अधिकारियों में श्री दीपू राज, श्री राजेश और ज्योति शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी. एस. ढेसी,  गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. वी. एस. एन. प्रसाद, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, डीजीपी विजिलेंस श्री पी के अग्रवाल, डीजीपी क्राइम मोहम्मद अकील, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी श्री आरसी मिश्रा, डीजीपी जेल श्री शत्रुजीत कपूर, एडीजीपी सीआईडी श्री आलोक मित्तल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, दूरसंचार-आईटी एवं हरियाणा 112 के नोडल अधिकारी श्री ए. एस. चावला, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर श्री नवदीप विर्क, एडीजीपी सीएडब्ल्यू कला रामचंद्रन सहित प्रशासनिक और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

No comments :

Leave a Reply