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स्कूल संचालकों ने दाखिला फार्म बेचकर व बैंक की ब्याज के रूप में ही कमाए लाखों रुपए

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 5 May 2020 0 comments
pramod goyal
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फरीदाबाद। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने कहा है कि स्कूल प्रबंधकों ने नए दाखिलों में एडवांस में ली गई फीस से ही करोड़ों रुपए जमा कर लिए हैं। इसके अलावा दाखिला फार्म 500 से 1200 रुपए में बेचकर और 6 महीने पहले किए गए दाखिले में ए
डवांस के रूप में अभिभावकों से 30 हजार से 110000 लेकर  बैंक ब्याज के रूप में ही लाखों रुपए कमा लिए हैं। मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा व जिला सचिव डॉ मनोज शर्मा ने कहा है कि मंच ने आरटीआई लगाकर शहर के 25 स्कूलों की जानकारी मांगी थी जिनमें से अभी सिर्फ चार स्कूलों की जानकारी मिली है जिसके अनुसार  ग्रैंड कोलंबस स्कूल ने प्राथमिक कक्षाओं के 400 दाखिला फार्म 1200 रुपए प्रति फार्म, डीएवी ने 500 फार्म ₹1000 के हिसाब से ,  डीपीएस 19 ने 400 फार्म  ₹750 के हिसाब से व डीपीएस 81 ने भी 400 फार्म  ₹750 के हिसाब से बेचे । इस प्रकार डीएवी 14  ने 5 लाख, डीपीएस 19 ने 3 लाख व डीपीएस 81 ने 4 लाख व ग्रैंड कोलंबस ने 4 लाख 80हजार रुपए तो फार्म बेचने में ही कमा लिए हैं ।जबकि दाखिला प्रक्रिया पूरी ऑनलाइन हुई है। इसी प्रकार अक्टूबर 2019 से जून 2020 तक साधारण बैंक ब्याज के रूप में डीपीएस 19 ने 18 लाख , DPS 81 ने 16 लाख ,  ग्रैंड कोलंबस ने 3 लाख और डीएवी   14  ने 22 लाख रुपए कमा लिए हैं। मंच को यह भी आशंका है कि  स्कूल प्रबंधकों ने अभिभावकों  से जो यह करोड़ों रुपए एडवांस में ले लिए हैं उन्होंने या तो उसकी एफडी करा दी है या उस पैसों को अपने अन्य बिजनेस में ट्रांसफर कर दिया है । मंच इसका पता लगाने की पूरी कोशिश कर रहा है। यहां यह बताना जरूरी है कि प्री नर्सरी ,नर्सरी , एलकेजी कक्षा की पढ़ाई  शुरू नहीं हुई है। इन छोटे बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं हो सकती है।जैसे हालात चल रहे हैं उनकी पढ़ाई जुलाई से पहले संभव नहीं है। अतः यह पैसा बैंक में अक्टूबर 2019 से लेकर जून 2020 तक जमा रहेगा। शिक्षा विभाग पंचकूला के एक सर्कुलर में कहा गया है कि  सर्विस नहीं तो फीस नहीं ।
तब स्कूल प्रबंधकों द्वारा बिना पढ़ाई फीस लेना वह भी 6 महीने पहले पूरी तरह से गैर कानूनी है। शिक्षा नियमावली में भी नियम है कि स्कूल प्रबंधक दाखिला देकर एडवांस में फीस नहीं ले सकते हैं । मंच ने कई बार इसकी शिकायत चेयरमैन एफएफआरसी फरीदाबाद से की है लेकिन दोषी स्कूलों के खिलाफ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कैलाश शर्मा ने बताया कि मंच ने आरटीआई के द्वारा कई  स्कूलों के फार्म 6 व  बैलेंस शीट,  ऑडिट रिपोर्ट  प्राप्त की है जिसमें काफी घपला नजर आया है  जिन कई फंडों में अभिभावकों से फीस ली  गई है उनको फार्म 6 में दिखाया ही नहीं गया है। चेयरमैन एफएफआरसी द्वारा कराई गई ऑडिट रिपोर्ट में भी ऑडिटर ने कई कमियों  को दर्शाया है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार स्कूल वालों के पास  काफी मात्रा में सरप्लस व रिजर्व फंड है। मंच का लीगल सेल इन सब बातों का अध्ययन कर रहा है सारी  जानकारी शीघ्र सार्वजनिक की जाएगी।

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