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सरकार की भेदभाव पूर्ण घोषणाओं से टूटा निकाय कर्मचारियों का मनोबल: शास्त्री

Posted by : pramod goyal on : Monday, 20 April 2020 0 comments
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फरीदाबाद, 20 अप्रैल। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने प्रदेश सरकार पर नगर पालिकाए नगर परिषद एवं नगर निगमों के कर्मचारियों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए  28 अप्रैल से सरकार की, कर्मचारी, दलित विरोधी नीतियों की खोलेंगे पोल। यह ऐलान आज नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने करते हुए कहा कि संघ ने 18 अप्रैल को ही शहरी स्थानीय निकाय मंत्री प्रधान सचिव शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा एवं महानिदेशक शहरी स्थानीय निकाय विभाग को आंदोलन का नोटिस भेज सूचित कर दिया गया है। संघ के प्रतिनिधिमंडल में  राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री के अलावा संघ के उप महासचिव  सुनील चिंडालिया, संघ के केंद्रीय कमेटी के नेता सुभाष फैटमार, जिला प्रधान गुरचरण खाण्डिया, जिला सचिव नानक खैरालिया, सफाई कर्मचारियों को प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर, सैनिटेशन  स्टाफ  के अनिल चिंडालिया अग्निशमन विभाग से मेघ श्याम आदि शामिल थे। उन्होंने कहा कि 24 मार्च 2020 से सरकार द्वारा किये गये लॉक डाउन के बाद से ही निगमों के कर्मचारी निरन्तरता से वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ लडे जा रहे युद्ध में एक सैनिक की तरह कम से कम सुरक्षा उपकरणों, सफाई के औजारों के बगैर भी तृतीय व  चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी दिन रात अपनी व अपने परिवार की जान की परवाह किये बगैर निरन्तरता में काम कर रहे है। लेकिन सरकार प्रदेश की पालिका, परिषदों व निगमों के कर्मचारियों के त्यागए सर्मपण एवं देश भक्ति की भावना को नजर अन्दाज कर रही है। सरकार द्वारा की गई घोषणाओं में सरकार ने कर्मचारियों में भेदभाव करते हुये स्वास्थ्य कर्मचारी का बीमा 50 लाख रुपया करने का ऐलान किया था तथा कोरोना के मरीजों का ईलाज करने वाले डाक्टर व अन्य स्वास्थ्य स्टाफ का वेतन डबल देने की भी घोषणा की थी। सरकार की इस घोषणा से प्रदेश की पालिकाए परिषदों व निगमों के कर्मचारियों का मनोबल गिरा है।
सरकार ने वैस्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते कर्मचारियों के मूल कार्य के अलावा कुछ अतिरिक्त कार्य भी करने के फैसले किये हैंए जैसे कोरोना वायरस से मौत होने पर हिन्दु का दाह संस्कार करने व मुस्लिम समाज क लोगो को दफनाने तथा अन्य धर्मो के लोगो का उनके रिति रिवाज के अनुसार क्रियाक्रम करने, क्वारनंटाईन में रखे गये मरीजों के घर से वेस्टेज उठाने, आईसूलेशन वार्डो एवं शिविरों में कार्य करने, सैनिटाईजर का छिडकाव व फोगिंग करने का भी कार्य प्रदेष की पालिकाए परिषदों व निगमों के कर्मचारियों को अतिरिक्त तौर पर करने का आदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है जबकि उक्त सभी कार्य सेवा नियम के अनुसार इन कर्मचारियों के कार्य क्षेत्र में नहीं आते है। हरियाणा सरकार की भेदभाव पूर्ण निति एवं प्रदेश की पालिका, परिषदों व निगमों के कर्मचारियों को उनके मूल कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्यो की जिम्मेदारी जबरन तरीके से देने, कोरोना के मरीजों के सीधे समपर्क में रहना तथा बगैर पी0पी0ई0 कीट व अन्य सुरक्षा उपकरण, मास्क, गमबूट, दस्ताने, सेनीटाईजर, साबुन आदि के कार्य करने से सफाई कर्मचारियों एवं उनके परिवार में इन्फैक्शन फैलने की सम्भावना से] प्रदेश की पालिकाए परिषदों व निगमों के सफाई, सीवर व अन्य कर्मचारियों में दहशत का माहौल है तथा सरकार के प्रति गहरी नाराजगी है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री, उपमहासचिव सुनील चिंडालिया ने कहा कि यदि सरकार ने 10 दिन के अन्दर-अन्दर प्रदेश की पालिका, परिषदों व निगमों के कर्मचारियों की मांगों/समस्याओं का समाधान नहीं किया तो संघ  विरोध स्वरुप कर्मचारी 28 अप्रैल से  लगातार काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रकट करेंगे, 30 अप्रैल से 4 मई तक सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुये भोजन अवकाश के समय गली मौहल्लों व कालोनियों में सफाई का कार्य करते हुये जनता द्वारा कर्मचारियों का हौंसला बढाने के लिये फूल मालाओं एवं पुष्प वर्षा कर किये गए स्वागत का धन्यवाद व्यक्त करेंगे तथा हाथों में मांगों की तख्तियां लेकर व लाउड स्पीकर के माध्यम से हरियाणा सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति, कम वेतन, ठेका प्रथा, जबरन अतिरिक्त कार्य करवाना जैसी शोषण कारी कर्मचारी एवं दलित विरोधी नीतियों का पर्दाफाश करते हुये जनता के तमाम हिस्सों से अपील करेंगे की वो वट्सॅप, फैसबुक, मेसेन्जर, ट्वीटर, ई.मेल व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से हमारी मांगों/समस्याओं का समाधान करने की अपील सरकार से करें।



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