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प्राइवेट स्कूलों को फीस लेने की अनुमति देने से पहले स्कूलों के पिछले 5 साल के आय और व्यय की जांच हो

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 9 April 2020 0 comments
pramod goyal
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फरीदाबाद। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर कहा है कि प्राइवेट स्कूलों को फीस लेने की अनुमति देने से पहले हरियाणा सरकार स्कूलों के पिछले 5 साल के आय और व्यय व उनके पास मौजूद  रिजर्व फंड की जांच कराए । मंच ने अपने पत्र के साथ फरीदाबाद के प्राइवेट स्कूल  एमबीएन, एपीजे, डीपीएस ,मानव रचना
,मॉडर्न डीपीएस , डीएवी, ग्रैंड कोलंबस, डिवाइन, पब्लिक स्कूल सहित 25 प्राइवेट स्कूलों के पिछले 5 साल के आय और व्यय , बैलेंस शीट व फार्म 6 की फोटोकॉपी लगाई है जिसमें दर्शाया गया है कि स्कूल प्रबंधकों के पास कितना  रिजर्व फंड  अभी भी मौजूद है। मंच ने अपने पत्र के साथ शिक्षा सचिव के उस पत्र को भी संलग्न किया है जिसके द्वारा स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिया गया था कि स्कूल प्रबंधक नियमानुसार  मासिक आधार पर ही फीस वसूले । मंच ने अपने पत्र की एक कॉपी  शिक्षा मंत्री शिक्षा सचिव ,सभी छह मंडल के चेयरमैन कम मंडलायुक्त फीस एंड फंड्स रेगुलेटरी कमिटी , चेयरमैन सीबीएसई को भी उचित कार्रवाई के लिए भेजा है। ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश शर्मा ने बताया कि आईपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ एडवोकेट अशोक अग्रवाल  ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अभिभावकों के हित में कार्रवाई करने की अपील की है। कैलाश शर्मा ने कहा है कि मंच को लगता है कि ज्यादातर स्कूल राजनेताओं के होने के कारण हरियाणा सरकार स्कूल संचालकों के दबाव में  स्कूलों को फीस लेने की अनुमति दे सकती है लेकिन हरियाणा सरकार को अनुमति देने से पहले मंच के पत्र में  तथ्यों व सबूतों के साथ दर्शाई गई बातों पर जरूर गौर फरमाना चाहिए उसके बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए । मंच ने हरियाणा सरकार  को चेताया है कि मंच के पत्र में लिखी बातों को नजरअंदाज करके यदि स्कूलों को शिक्षा शिक्षा सत्र 2020=21 में ट्यूशन फीस व अपनी मर्जी से बनाए गए गैरकानूनी फंडों में फीस वसूलने  व मासिक फीस की जगह 3 महीने की एडवांस में फीस वसूलने की अनुमति प्रदान की तो मंच उस आदेश के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका डालकर अभिभावको के हित में कार्रवाई करने की गुहार लगाएगा ।मंच के लीगल सेल ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। मंच के राज्य संरक्षक सुभाष  लांबा , जिला अध्यक्ष एडवोकेट शिवकुमार जोशी व जिला सचिव डॉ मनोज शर्मा का कहना है कि अभिभावक पहले से ही मंदी के शिकार है । उनकी  जेब पर  और अधिक आर्थिक बोझ डालना उनके साथ पूरी तरह से अन्याय है। मंच इस अन्याय को नहीं होने देगा। मंच ने अभिभावकों से भी कहा है कि वे जिला प्रशासन द्वारा  लॉकडाउन के समय  बनाई गई गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन करते हुए अपने घरों में ही रहे और स्कूलों की प्रत्येक मनमानी का डटकर विरोध करें।

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