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फरीदाबाद के दयालबाग क्षेत्र में रहने वाले फ्लेट्स वासी आजकल डर के साय में जी रहे है , उन्हें यह चिंता सताती रहती है की जिस छत के नीचे वह रहते है उसी की जर्जर हो रही दीवारो के नीचे वह दबकर ख़तम ना हो जाएँ। दरअसल दयालबाग क्षेत्र के सेक्टर 39 स्थित बिल्डिंग नंबर बी-3 के रहने वाले करीब दस परिवारों का आरोप है की उनके फ्लैट्स के साथ एक बिल्डर लगातार निर्माण कार्य कर रहा है जिसके चलते उनके मकानों में गहरी दरारे पड़ गयी है और प्लास्टर के बड़े बड़े टुकटे टूटकर आये दिन किसी ना किसी पर गिरते रहते है। इस बात की शिकायत उन्होंने उक्त बिल्डर से करीब छह महीने पहले भी की थी लेकिन उसने उन्हें सूखा आश्वासन दे दिया था। वहीँ अब जब हालात और गंभीर हो गए है और बिल्डिंग गिरने के कागार पर है ऐसे में उक्त बिल्डर उनकी सुन ही नहीं रहा है और उलटा उन्हे धमकियां दे रहा है की जो बिगाड़ना हो बिगाड़ ले। इसी बात से परेशान होकर फ्लेट्स के निवासियों ने इकठ्ठा होकर फ़्लैट के बाहर प्रदर्शन किया और उक्त बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीँ इस बात की शिकायत सीएम विंडो पर भी फ्लैट्स धारकों ने की है और उन्हें उम्मीद है की सीएम विंडो से उन्हें उचित इन्साफ मिलेगा।
नारेबाजी करते दिखायी दे रहे यह सभी लोग दयालबाग क्षेत्र के सेक्टर 39 स्थित बिल्डिंग नंबर बी-3 के करीब दस परिवार के लोग है जो इस बात से परेशान है की जिस आशियाने के साय में वह रह रहे है वही उनका काल ना बन जाए। फ्लैट्स धारको ने हमारी कैमराटीम को दिखाया की किस तरह से उनके घरो में गहरी दरारे आयी हुई है और बड़े - बड़े प्लास्टर के टुकड़े भरभरा टूटकर गिर रहे है। कैमरे की नज़र से आप देख सकते है की हालात कितने बदतर है और बिल्डिंग लगभग गिरने के कागार पर है। करीब चार मंजिला इस बिल्डिंग में दस परिवार रहते है और हर कमरे में इसी तरह गहरी दरारे आयी हुई है।
प्रदर्शन कर रहे परेशान लोगो ने बताया की उनके फ़्लैट के साथ दोनों तरफ से दीपक नाम के एक बिल्डर के द्वारा निर्माण करवाया जा रहा है जिसके चलते उनके घरो में पहले तो सीलन रहती थी और अब गहरी दरारे आ गयी है जिसके कारण हादसे का डर बना रहता है। उन्होंने बताया की पिछले 8 सालो से वह यहाँ रह रहे है और जबसे बिल्डर ने उनके साथ वाले प्लाट में निर्माण करना शुरू किया है उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिल्डर से जब बात की जाती है तो वह सुनता ही नहीं है। जबकि उसने बिल्डिंग बनाने से पहले उन्हें आश्वासन दिया था की उसके निर्माण के कारण जो भी नुक्सान होगा उसे वह सही करवाकर देगा।
वहीँ एक बुजुर्ग महिला ने रोते हुए बताया की वह अपने पोते और पोती के साथ यहाँ रहती है जिनके माता पिता इस दुनिया में नहीं है वहीँ इस घर की हालत देखते हुए वह घबराती रहती है की कही कोई बड़ा हादसा ना हो जाए। बुजुर्ग महिला ने बताया की उनकी पोती जब पढ़ रही थी तो अचानक से एक बड़ा सा प्लास्टर का टुकड़ा उसके पास आकर गिर गया। लेकिन उसकी पोती बाल बाल बच गयी। अगर वो टुकड़ा उस पर गिर जाता तो उनकी पोती का क्या होता। उन्होंने बताया की वह हर पल मौत के डर के साय में रह रही है की कब कौन सी अनहोनी हो जाए। वहीँ बिल्डर उनसे बदतमीजी से बात करता है. उन्होंने कहा की इतने पैसे नहीं है की अपना घर छोड़कर कहीं और रह सके।
नारेबाजी करते दिखायी दे रहे यह सभी लोग दयालबाग क्षेत्र के सेक्टर 39 स्थित बिल्डिंग नंबर बी-3 के करीब दस परिवार के लोग है जो इस बात से परेशान है की जिस आशियाने के साय में वह रह रहे है वही उनका काल ना बन जाए। फ्लैट्स धारको ने हमारी कैमराटीम को दिखाया की किस तरह से उनके घरो में गहरी दरारे आयी हुई है और बड़े - बड़े प्लास्टर के टुकड़े भरभरा टूटकर गिर रहे है। कैमरे की नज़र से आप देख सकते है की हालात कितने बदतर है और बिल्डिंग लगभग गिरने के कागार पर है। करीब चार मंजिला इस बिल्डिंग में दस परिवार रहते है और हर कमरे में इसी तरह गहरी दरारे आयी हुई है।
प्रदर्शन कर रहे परेशान लोगो ने बताया की उनके फ़्लैट के साथ दोनों तरफ से दीपक नाम के एक बिल्डर के द्वारा निर्माण करवाया जा रहा है जिसके चलते उनके घरो में पहले तो सीलन रहती थी और अब गहरी दरारे आ गयी है जिसके कारण हादसे का डर बना रहता है। उन्होंने बताया की पिछले 8 सालो से वह यहाँ रह रहे है और जबसे बिल्डर ने उनके साथ वाले प्लाट में निर्माण करना शुरू किया है उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिल्डर से जब बात की जाती है तो वह सुनता ही नहीं है। जबकि उसने बिल्डिंग बनाने से पहले उन्हें आश्वासन दिया था की उसके निर्माण के कारण जो भी नुक्सान होगा उसे वह सही करवाकर देगा।
वहीँ एक बुजुर्ग महिला ने रोते हुए बताया की वह अपने पोते और पोती के साथ यहाँ रहती है जिनके माता पिता इस दुनिया में नहीं है वहीँ इस घर की हालत देखते हुए वह घबराती रहती है की कही कोई बड़ा हादसा ना हो जाए। बुजुर्ग महिला ने बताया की उनकी पोती जब पढ़ रही थी तो अचानक से एक बड़ा सा प्लास्टर का टुकड़ा उसके पास आकर गिर गया। लेकिन उसकी पोती बाल बाल बच गयी। अगर वो टुकड़ा उस पर गिर जाता तो उनकी पोती का क्या होता। उन्होंने बताया की वह हर पल मौत के डर के साय में रह रही है की कब कौन सी अनहोनी हो जाए। वहीँ बिल्डर उनसे बदतमीजी से बात करता है. उन्होंने कहा की इतने पैसे नहीं है की अपना घर छोड़कर कहीं और रह सके।

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