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वृन्दावन. पटना शहर की एक मेडिकल स्टूडेंट युवती पर कृष्ण भक्ति की ऐसी धुन चढ़ी कि वह उनके साक्षात दर्शन पाने के लिए अकेले
वृंदावन पहुंच गई। इसके लिए उसने परिवार से स्वास्थ्य परीक्षण का बहाना बनाया। ठाकुर श्री बांके बिहारी के प्राकट्योत्सव के दिन वह मान्यता है- निधिवन में बांके बिहारी प्रकट हुए थे। बांके बिहारी यहां हर रात गोपियों संग रासलीला रचाते हैं। मेडिकल स्टूडेंट झाड़ियों में छिपकर रात होने का इंतजार करने लगी। लेकिन शयन आारती के बाद उसे सेवायतों ने पकड़ लिया। वृन्दावन. पटना शहर की एक मेडिकल स्टूडेंट युवती पर कृष्ण भक्ति की ऐसी धुन चढ़ी कि वह उनके साक्षात दर्शन पाने के लिए अकेले वृंदावन पहुंच गई। इसके लिए उसने परिवार से स्वास्थ्य परीक्षण का बहाना बनाया। ठाकुर श्री बांके बिहारी के प्राकट्योत्सव के दिन वह मान्यता है- निधिवन में बांके बिहारी प्रकट हुए थे। बांके बिहारी यहां हर रात गोपियों संग रासलीला रचाते हैं। मेडिकल स्टूडेंट झाड़ियों में छिपकर रात होने का इंतजार करने लगी। लेकिन शयन आारती के बाद उसे सेवायतों ने पकड़ लिया।
वृंदावन पहुंच गई। इसके लिए उसने परिवार से स्वास्थ्य परीक्षण का बहाना बनाया। ठाकुर श्री बांके बिहारी के प्राकट्योत्सव के दिन वह मान्यता है- निधिवन में बांके बिहारी प्रकट हुए थे। बांके बिहारी यहां हर रात गोपियों संग रासलीला रचाते हैं। मेडिकल स्टूडेंट झाड़ियों में छिपकर रात होने का इंतजार करने लगी। लेकिन शयन आारती के बाद उसे सेवायतों ने पकड़ लिया। वृन्दावन. पटना शहर की एक मेडिकल स्टूडेंट युवती पर कृष्ण भक्ति की ऐसी धुन चढ़ी कि वह उनके साक्षात दर्शन पाने के लिए अकेले वृंदावन पहुंच गई। इसके लिए उसने परिवार से स्वास्थ्य परीक्षण का बहाना बनाया। ठाकुर श्री बांके बिहारी के प्राकट्योत्सव के दिन वह मान्यता है- निधिवन में बांके बिहारी प्रकट हुए थे। बांके बिहारी यहां हर रात गोपियों संग रासलीला रचाते हैं। मेडिकल स्टूडेंट झाड़ियों में छिपकर रात होने का इंतजार करने लगी। लेकिन शयन आारती के बाद उसे सेवायतों ने पकड़ लिया।

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