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ठीक प्रकार से सूचना न देने पर हुडा विभाग के राज्य सूचना अधिकारी को नोटिस

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 30 November 2019 0 comments
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फरीदाबाद।
अभिभावक एकता मंच को  ठीक प्रकार से सूचना न देने पर राज्य सूचना आयोग (एसआईसी ) ने हुडा विभाग के राज्य सूचना अधिकारी (एसपीआईओ )व प्रथम अपील अधिकारी को  नोटिस जारी किया है ',l यह नोटिस अभिभावक एकता मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा द्वारा राज्य सूचना आयोग चंडीगढ़ में 26 अक्टूबर को दायर की गई द्वितीय अपील पर जारी किया गया है l कैलाश शर्मा ने बताया कि उन्होंने 1 मई को  हुडा कार्यालय फरीदाबाद के राज्य जन सूचना अधिकारी कम एस्टेट ऑफिसर के पास एक आरटीआई लगाकर  हुडा की जमीन पर बने प्राइवेट स्कूलों से संबंधित कुछ सूचना व जानकारी मांगी थी l निर्धारित अवधि में सूचना व जानकारी न देने पर प्रथम अपील अधिकारी कम प्रशासक हुडा के पास 3 जून को प्रथम अपील दायर की गई l प्रथम अपील अधिकारी ने 13 अगस्त को स्पीकिंग ऑर्डर पारित करके एसपीआईओ को  10 दिन के अंदर आवेदक को ठीक प्रकार से पॉइंट वाइज रिप्लाई देने का  आदेश दिया  l इस आदेश के 39  दिन बाद एसपीआईओ ने आवेदक को जवाब तो दिया लेकिन  वह  आधा अधूरा . गोलमोल व भ्रामक  था l जिस पर असहमति जाहिर करते हुए  राज्य सूचना आयोग के पास द्वितीय अपील दायर की गई जिस पर कार्रवाई करते 28 नवंबर  को आरटीआई की धारा धारा 19 1 के तहत यह नोटिस दिया गया है और मामले की अगली सुनवाई को दोनों पक्षों को बुलाया है l कैलाश शर्मा ने बताया कि उन्होंने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी कि  हुडा विभाग ने फरीदाबाद मैं कितने प्राइवेट स्कूलों को सरकारी जमीन 99 साल के पट्टे पर प्रदान की है उनके नाम व उनको दिए गए भूमि आवंटन पत्र की फोटोकॉपी प्रदान की जाए  इसके अलावा जो स्कूल प्रबंधक भूमि आवंटन पत्र में लिखे गए नियम कानूनों का उल्लंघन करके शिक्षा का व्यवसायीकरण कर रहे हैं उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुडा   विभाग ने की  उसका  समस्त ब्यौरा दिया जाए l यह जानकारी भी मांगी  थी  कि जिन स्कूलों को   हुडा नियमों का उल्लंघन सही पाए जाने पर  दो-दो बार रिज्यूम किया गया है  उनके नाम बताएं जाएं l मच के  प्रदेश अध्यक्ष  एडवोकेट ओपी शर्मा  व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा का  कहना है कि स्कूल प्रबंधक   हुडा विभाग  के सभी नियम कानूनों का उल्लंघन करके शिक्षा का व्यवसायीकरण कर रहे हैं जबकि इनको पार्कों व ग्रीन बेल्ट की जमीन कौड़ियों के भाव 99 साल के पट्टे पर इसलिए दी गई थी कि वे किसी भी हालत में शिक्षा का व्यवसायीकरण नहीं करेंगे  l अपने स्कूल के नजदीक के बच्चों को सबसे पहले दाखिला देंगे l किताब कॉपी व किसी प्रकार की दुकान स्कूल के अंदर नहीं खोलेंगे  हर साल अपने स्कूल की फीस संरचना व दाखिला पॉलिसी की जानकारी हुडा विभाग को देंगे l मेंजमेंट कमेटी में हुडा का एक आदमी शामिल करेंगे और बिना अनुमति के अपने स्कूल को  अपग्रेड नहीं करेंगे और जिस उद्देश्य के लिए जमीन दी गई है उसी का पालन करेंगे और किसी भी हालत में अपने स्कूल और उसकी बिल्डिंग को किसी दूसरे को नहीं बेचेंगे l मंच की जानकारी में यह बात है कि फरीदाबाद के लगभग एक दर्जन स्कूलों के मूल संचालकों ने अपने स्कूल को दूसरों को  बेच करके करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है इसकी जानकारी भी आरटीआई में मांगी गई थी जो नहीं दी गई l मंच अब पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में इस मुद्दे पर जनहित याचिका डालने की तैयारी कर रहा है l

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