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नई दिल्ली:
हरियाणा के सिरसा से जीतने वाले लोकहित पार्टी के नेता गोपाल कांडा बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान कर एक बार फिर चर्चा में हैं. उन्होंने कहा है कि उनके साथ सभी निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी को समर्थन देने का फैसला किया है. गोपाल कांडा ने आरएसएस के साथ अपना पुराना रिश्ता जोड़ते हुए कहा कि उनके पिता 1926 से आरएसएस से जुड़े रहे हैं. जनसंघ के टिकट पर देश का पहला चुनाव लड़ा था. आपको बता दें कि गोपाल कांडा हरियाणा के रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारी हैं. 2007 में उनकी कार से चार वांटेड क्रिमिनल पकड़े गए थे इसके बाद तत्कालीन केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए थे. साल 2009 में निर्दलीय उम्मीदवार बनकर जीते और हुड्डा सरकार को समर्थन दिया, मंत्री पद लिया. साल 2012 में गीतिका शर्मा ख़ुदकुशी मामले में आरोपी बने. गीतिका शर्मा के सुसाइ
ड नोट में कांडा का नाम आया साल 2014 में कांडा पर लगा रेप का आरोप हटा लिया गया. साल 2014 में ही हरियाणा लोक हित पार्टी का गठन किया. 2014 में हरियाणा विधानसभा चुनाव हार गए. साल 2016 में कांडा और उनके भाई पर कई आर्थिक आरोप लगे. एक बार फिर गोपाल कांडा 620 वोट से सिरसा से जीत गए हैं. हालांकि खबर है कि गोपाल कांडा से बीजेपी अब पल्ला झाड़ने की तैयारी में है और उन्हें मंत्री नहीं बनाया जाएगा. इसलिए जेपी नड्डा के साथ कांडा का फोटो भी नहीं आया और मिल रही जानकारी के मुताबिक मनोहर लाल खट्टर दिवाली के बाद शपथ लेंगे और कुछ निर्दलीयों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी.

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