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फरीदाबाद: देश के इतिहास में किसी अदालत पहली बार युवा वकीलों की सहायता के लिए निःशुल्क कोचिंग का आयोजन करने वाले बार एसोशिएशन फरीदाबाद के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति एडवोकेट एल एन पाराशर सोमवार पां
चवीं बार फरीदाबाद की अदालत के युवा वकीलों को कानूनी किताबों का वितरण किया। इस मौके पर बार एसोशिएशन के प्रधान बॉबी रावत ने एडवोकेट पाराशर की जमकर तारीफ़ करते हुए कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि एडवोकेट पाराशर युवा वकीलों के लिए वो कर रहे हैं जो देश के इतिहास में अभी तक किसी अदालत में नहीं किया गया। बॉबी रावत ने कहा कि एडवोकेट पाराशर इस समय 70 युवा वकीलों को ज्यूडिशियली के निःशुल्क कोचिंग दिलवा रहे हैं और समय समय पर उन्हें निःशुल्क कानूनी किताबें वितरित कर रहे हैं जो एक ऐतिहासिक कदम है।
इस मौके पर एडवोकेट पाराशर ने कहा कि अदालतों में जो युवा वकील प्रैक्टिस करने पहुँचते हैं उनमे तमाम ऐसे वकील होते हैं जो बहुत ही गरीब परिवार से होते हैं और वकालत की शुरुवात में उनकी उतनी कमाई नहीं होती कि वो अपनी हर तरह की जरूरतें पूरी कर सकें। कई वकील तो अदालत आने जाने के लिए पेट्रोल का खर्च तक नहीं निकाल पाते ऐसे में उन्हें सहयोग की जरूरत पड़ती है लेकिन सरकार युवा वकीलों का कोई सहयोग नहीं करती है जिस कारण तमाम वकील जल्द ही वकालत छोड़ कोई और काम करने लग जाते हैं। अगर युवा वकीलों की मदद की जाये तो उनके कई तरह के सपने पूरे हो सकते हैं।
चवीं बार फरीदाबाद की अदालत के युवा वकीलों को कानूनी किताबों का वितरण किया। इस मौके पर बार एसोशिएशन के प्रधान बॉबी रावत ने एडवोकेट पाराशर की जमकर तारीफ़ करते हुए कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि एडवोकेट पाराशर युवा वकीलों के लिए वो कर रहे हैं जो देश के इतिहास में अभी तक किसी अदालत में नहीं किया गया। बॉबी रावत ने कहा कि एडवोकेट पाराशर इस समय 70 युवा वकीलों को ज्यूडिशियली के निःशुल्क कोचिंग दिलवा रहे हैं और समय समय पर उन्हें निःशुल्क कानूनी किताबें वितरित कर रहे हैं जो एक ऐतिहासिक कदम है।
इस मौके पर एडवोकेट पाराशर ने कहा कि अदालतों में जो युवा वकील प्रैक्टिस करने पहुँचते हैं उनमे तमाम ऐसे वकील होते हैं जो बहुत ही गरीब परिवार से होते हैं और वकालत की शुरुवात में उनकी उतनी कमाई नहीं होती कि वो अपनी हर तरह की जरूरतें पूरी कर सकें। कई वकील तो अदालत आने जाने के लिए पेट्रोल का खर्च तक नहीं निकाल पाते ऐसे में उन्हें सहयोग की जरूरत पड़ती है लेकिन सरकार युवा वकीलों का कोई सहयोग नहीं करती है जिस कारण तमाम वकील जल्द ही वकालत छोड़ कोई और काम करने लग जाते हैं। अगर युवा वकीलों की मदद की जाये तो उनके कई तरह के सपने पूरे हो सकते हैं।

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