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निगम के तीनों जोनों में 15 नवम्बर को व्यापारियों के हित में कैम्पों का आयोजन

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 13 November 2018 0 comments
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फरीदाबाद, 13 नवम्बर। नगर निगम के द्वारा व्यापारियों, दुकानदारों, औद्योगिक व वाणिज्यिक इकाईयों के हित में निगम के तीनों जोनों में आगामी 15 नवम्बर को एनआईटी फरीदाबाद स्थित नगर निगम सभागार में, फरीदाबाद ओल्ड व बल्लबगढ़ जोन के क्षेत्रिय कार्यालयों में प्रातः 10 बजे से सायं 3.00 बजे तक कैम्पों का आयोजन किया जाएगा।        निग्मायुक्त मोहम्मद शाईन ने आज यहां बताया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 330 के तहत निगम क्षेत्र में किसी परिसर में ऐसी औद्योगिक इकाई, वर्कशाॅप या व्यापार का काम किया जाना है, जिनमें भांप, बिजली, पानी या अन्य यांत्रिक (मैकेनिकल) ऊर्जा का इस्तेमाल होता है तो ऐसा करने के लिए नगर निगम की अनुमति आवश्यक है। इसी प्रकार से उक्त अधिनियम के साथ संलग्न दूसरी अनुसूची के भाग-1 व 2 में उल्लेखित व्यवसायिक उद्देश्यों के लिए किसी परिसर के इस्तेमाल से पूर्व भी नगर निगम की अनुमति/लाईसेंस प्राप्त की जानी आवश्यक है।
        उन्होंने बताया कि इन कैम्पों में फिलहाल केवल  5 साल की लाईसेंस फीस अदा करने वाली औद्योगिक व वाणिज्यिक इकाईयों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 330 व 331 के तहत ट्रेड लाईसेंस जारी किए जाएंगे, लेकिन पिछले वर्षों के लाईसेंस फीस के बारे में सरकार का जो भी निर्णय प्राप्त होगा उसे लागू कर दिया जाएगा।     उन्होंने बताया कि ट्रेड लाईसेंस की स्वीकृत दरों का ब्यौरा निगम की बेवसाइट उबंितपकंइंकण्वतह पर जाकर देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि धारा 330 के तहत ट्रेड लाईसेंस प्राप्त करने के लिए औद्योगिक व वाणिज्यिक इकाईयों को मलकियत का सबूत, वार्षिक टर्न ओवर, चार्टड एकाउन्टेन्ट के द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र, पिछले 5 वर्ष की बैलेंस सीट, पंजीकरण प्रमाण पत्र, आई.डी. प्रुफ, पैन नंबर, टेन नंबर, टिन नंबर और जीएसटी का ब्यौरा देना होगा जबकि धारा 331 के तहत ट्रेड लाईसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र, मलकियत का सबूत, आई.डी. प्रुफ, पंजीकरण प्रमाण पत्र आदि का ब्यौरा देना होगा।
        श्री शाईन ने निगम क्षेत्र की सभी औद्योगिक व वाणिज्यिक इकाईयों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपना ट्रेड लाईसेंस प्राप्त करें, अन्यथा उनके विरूद्ध हरियाणा नगर निगम 1994 के प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही करने के साथ-साथ उनकी इकाईयों को सील भी कर दिया जाएगा।


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