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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर सांसदों की तर्ज पर विधायकों ने
भी अपने-अपने क्षेत्रों में एक-एक गांव गोद तो ले लिया है, लेकिन इन गांवों
की दुर्दशा आज भी कायम है। गोद लिए गए ऐसे ही एक गांव फतेहपुर बिल्लोच में
जनसुविधाओं का भारी अभाव है और सड़कों पर भरा गंदा पानी विधायक व सरकार को
मुंह चिढ़ा रहा है। इस गांव को विधायक टेकचंद शर्मा ने गोद लिया है। लेकिन
विकास के नाम पर अभी तक इस गांव में एक ईंट तक नहीं लगी है। सड़कों पर
कई-कई फुट बहते गंदे पानी ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है और
ग्रामीण विधायक को कोस रहे है।
यह द्रश्य है बसपा विधायक टेकचंद शर्मा द्वारा गोद लिए गांव फतेहपुर बिल्लोच का। टेकचंद शर्मा ने बसपा टिकट पर निर्वाचित होते ही राज्य की खट्टर सरकार को अपना समर्थन दे दिया था और मुख्यमंत्री को अपने क्षेत्र में बुलाकर अनेक विकास घोषणा भी कराई थी। लेकिन नतीजा वहीं ढाक के तीन पात है। विधायक द्वारा गोद लिए गए गांव फतेहपुर बिल्लोच की दुर्दशा आप स्वयं अपनी आंखों से ही देख लिजिए। 40 हजार की आबादी वाले इस गांव के मुख्य मार्ग पर भी गंदा पानी इस कदर भरा है कि स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर नौकरी पेशा लोग भी गंदे पानी में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो जाते है। सड़क के नाम पर भी केवल गड्डे और कच्चा रास्ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे तो अच्छा था कि विधायक गांव को गोद लेने की बजाय यहां कुछ काम करा देते। पहले तो सरपंच ने ही कुछ काम नहीं किया और अब विधायक भी गोद लेने के बावजूद गांव में कोई काम नहीं करा रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या उनकी सालों पुरानी समस्या है। सबसे पहले इसका निदान होना जरूरी है। कई लोगों ने तो साफ कहा कि विधायक टेकचंद शर्मा ने गांव नहीं बल्कि गांव का एक नेता गोद लिया है, जिसके कहने पर ही सारे काम होते है। वैसे तो गांव में कोई काम हुआ ही नहीं है, स्ट्रीट लाईट जो लगवाई गई है, उनमें भी पक्षपात किया गया है।
खंड विकास अधिकारी उपमा अरोडा का कहना है कि सिचाई विभाग से कहकर भरे हुए पानी को निकलवाया जा रहा है। उन्होने सफाई के बारे में उल्टा लोगों को ही नसीयत दे डाली कि वे भी नालों में कूढा-करकट न डाले।
यह द्रश्य है बसपा विधायक टेकचंद शर्मा द्वारा गोद लिए गांव फतेहपुर बिल्लोच का। टेकचंद शर्मा ने बसपा टिकट पर निर्वाचित होते ही राज्य की खट्टर सरकार को अपना समर्थन दे दिया था और मुख्यमंत्री को अपने क्षेत्र में बुलाकर अनेक विकास घोषणा भी कराई थी। लेकिन नतीजा वहीं ढाक के तीन पात है। विधायक द्वारा गोद लिए गए गांव फतेहपुर बिल्लोच की दुर्दशा आप स्वयं अपनी आंखों से ही देख लिजिए। 40 हजार की आबादी वाले इस गांव के मुख्य मार्ग पर भी गंदा पानी इस कदर भरा है कि स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर नौकरी पेशा लोग भी गंदे पानी में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो जाते है। सड़क के नाम पर भी केवल गड्डे और कच्चा रास्ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे तो अच्छा था कि विधायक गांव को गोद लेने की बजाय यहां कुछ काम करा देते। पहले तो सरपंच ने ही कुछ काम नहीं किया और अब विधायक भी गोद लेने के बावजूद गांव में कोई काम नहीं करा रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या उनकी सालों पुरानी समस्या है। सबसे पहले इसका निदान होना जरूरी है। कई लोगों ने तो साफ कहा कि विधायक टेकचंद शर्मा ने गांव नहीं बल्कि गांव का एक नेता गोद लिया है, जिसके कहने पर ही सारे काम होते है। वैसे तो गांव में कोई काम हुआ ही नहीं है, स्ट्रीट लाईट जो लगवाई गई है, उनमें भी पक्षपात किया गया है।
खंड विकास अधिकारी उपमा अरोडा का कहना है कि सिचाई विभाग से कहकर भरे हुए पानी को निकलवाया जा रहा है। उन्होने सफाई के बारे में उल्टा लोगों को ही नसीयत दे डाली कि वे भी नालों में कूढा-करकट न डाले।

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