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फरीदाबाद नगर निगम है कंगाल, पर अधिकारी है मालामाल

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 9 May 2015 0 comments
pramod goyal
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 फरीदाबाद नगर निगम अरबो का बजट होने के बावजूद कंगाल है, नगर निगम के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए पैसे नहीं है, लेकिन निगम के छोटे से लेकर बड़े सभी अधिकारी पूरी तरह मालामाल है। भले ही नगर निगम छोटे छोटे कार्यो के लिए फंड न होने का रोना रोता है, पर इसके सभी अधिकारी अरबपति से कम नहीं है। अगर नगर निगम के सभी अधिकारियों की सम्पत्ति की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो स्पष्ट हो जायेगा कि एक अदना सा कर्मचारी भी करोड़ो की सम्पत्ति का मालिक है। लेकिन इसके लिए बड़े साहस व हिम्मत की जरूरत है।
  वर्ष 1994 को फरीदाबाद काम्पलैक्स प्रशासन समाप्त करके असतित्व में आया फरीदाबाद नगर तभी से आर्थिक तंगी का रोना रोता आया है। निगम कर्मचारियों की सेलरी से लेकर विकास कार्यो के लिए निगम को करोड़ों रूपए राशि की आवश्यक्ता हर माह होती है। लेकिन निगम प्रशासन अपने साधनों को प्रयोग न करके सदैव सरकार की ओर अनुदान के लिए टकटकी लगाए रहता है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि अवैध निमार्ण से लेकर विकास के नाम पर होने वाले कार्यों में पार्षदो की मिलिभगत से अधिकारी इतना बड़ा गोलमाल करते है कि जो पैसा निगम के कोष में जाना चाहिए, वह अधिकारियों के खाते चला जाता है। जमीन के मामले में एशिया में सबसे अमीर माने जाने वाले नगर निगम की आर्थिक हालात आज यह है कि उसके पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं है। लेकिन निगम के अधिकांश अधिकारी सरकारी नौकरी करते हुए भी कई कारखानों व कोठियों के मालिक है और बैंक बैंलेंस भी कई का तो निगम के खजाने से अधिक है। यहीं कारण है कि कई के खिलाफ तो विजिलैंस जांच भी चल रही है। विजिलैंस जांच पूरी हुए बिना ही ऐसे कई अधिकारी तो न केवल अपना पूरा फंड लेकर सेवनिवृत हो चुके है, बल्कि पैंशन भी ले रहे है। कभी गुडगांव नगर निगम से कभी सरकार की ओर से फरीदाबाद नगर निगम को कई बार लोन पर पैसा दिया गया, जो आज तक नहीं लौटाया गया। जबकि नगर निगम के पास ऑय के साधनों की कमी नहीं है। गृहकर से लेकर सीवर, पानी कर, शराब व मनोरंज कर, स्टाम्प ड्यूटी से मिलने वाला राजस्व और कई प्रकार के कर है। अगर निगम अधिकारी ईमानदारी से इन करों की वसूली करें और अवैध निमार्ण की बजाय भवन नक्शे आसानी से पास कराने के लिए प्रयास करेें तो निगम के पास पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी। लेकिन अधिकारी निगम से अधिक अपनी ऑय को महत्व देते है। यहीं कारण है कि नगर निगम की आर्थिक स्थिति दिन प्रति दिन खराब होती जा रही है और अधिकारी बेनामी सम्पत्ति की मालिक बनते जा रहे है।
 मुख्यमंत्री खट्टर साहब समय रहते फरीदाबाद नगर निगम पर ध्यान दो, अन्यथा वह दिन दूर नहीं होगा, जब नगर निगम का दिवाला निकल जायेगा और लोग मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रह जायेगें। निगम अधिकारियों की सम्पत्ति की उच्च स्तरीय जांच बहुत जरूरी है, ताकि सच सरकार और जनता के सामने आ सके कि फरीदाबाद नगर निगम को दीमक की तरह चाटने वाले आस्तिन की सांप कोन है------?

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