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बाल मजदूरी है अपराध, आओ इसे रोकने का करे प्रयास:- हिमांशु भट्ट

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 21 November 2020 0 comments
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 फरीदाबाद:- बच्चे डरें नहीं बल्कि हमारे बीच सुरक्षित और संरक्षित महसूस करें। हर बच्चे को उसका अधिकार मिले, उसका संरक्षण हो। बाल संरक्षण हेतु "महफूज़" शीर्षक से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाल अधिकार सप्ताह (16 नवंबर से 22 नवंबर) मनाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आज बाल अधिकार सप्ताह महफूज के छठे दिन सेक्टर 25 में जज्बा फाउंडेशन के द्वारा जन बाल कल्याण समिति के सहयोग से लगभग 150 लोगों को जागरूक करने का कार्य किया गया।


जागरूकता अभियान के अन्तर्गत जज्बा फाउंडेशन के अध्यक्ष हिमांशु भट्ट ने लोगों को सम्भोदित करते हुए बताया की आज शिक्षा के आभाव के कारण लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी न होने की वजह से लोग अपने अधिकारों का उपयोग नहीं कर पा रहे है। इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाल अधिकार (7 दिन 7 मुद्दे) सप्ताह बनाया जा रहा है जिसके अंतर्गत जज्बा फाउंडेशन के स्वमं सेवकों के द्वारा शहर के अलग अलग स्थानों पर जाकर बाल अधिकारों की जानकारी दी जा रही है। जिसके अन्तर्गत बाल विवाह, बाल मजदूरी, पॉस्को कानून, लैंगिक शोषण, भीख मंगवाना, जीवन जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, सहभागिता का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार, थाने में बच्चों से जुड़े मामले का अधिकार, पुलिस हेल्पलाइन:-100, महिला हेल्पलाइन:- 1091, एवम चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अदि की जानकारी लोगों तक पहोचने का कार्य किया जा रहा है। ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग रहे और उनका फायदा उठा सके। आज छटे दिन लोगों को बाल विवाह के अंतर्गत जानकारी देते हुए बतया गया कि और नारा दिया गया। "चलो नई शुरुवात करे बाल विवाह का नाश करें", "होने दो उसका विकास, शादी करके न तोड़ो उसकी आस" इसके अलावा लोगों को जानकारी देते हुए बतया गया कि आज देश व प्रदेश में 14 साल से कम उम्र के बच्चो से काम करवाना और भीख मंगवाना कानूनन अपराध है।

इस अवसर पर जिला समन्वयक अधिकारी (खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग)श्रीमती सुनीता ने भी लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि हमारे विभाग के द्वारा भी महिलाओं के विकास के लिए कई प्रकार की साहसिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता रहता है। जिसके अंतर्गत युवाओं के लिए कई अड्वेंटर कैम्प्स के माध्यम से ट्रैकिंग, वाटर स्पोर्ट्स, एवम सांस्कृतिक कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। ताकि युवाओं का अलग अलग क्षेत्र में विकास हो सके।

इस अवसर पर जन बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश टोंगर ने बताया की यदि देश के प्रत्येक नागरिक को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी हो इसके लिए देश के युवाओं को इस अभियान का हिस्सा बनाना होगा और बाल अधिकारों की सुनिश्चिति में एक कदम बढ़ाना होगा।

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