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देसी विदेशी कलाकारों ने मुख्य चौपाल पर बांधा समां, कलाकारों के साथ दर्शक भी थिरके

Posted by : pramod goyal on : Monday, 10 February 2020 0 comments
pramod goyal
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सूरजकुंड(फरीदाबाद), 10 फरवरी।    
34वें सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले के 10वें दिन सोमवार को पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ दर्ज की गई। मुख्य चौपाल  पर दिनभर देश-विदेश से आए विभिन्न कलाकरों ने सामूहिक व एकल की शानदार व रंगारंग प्रस्तुतियों से पर्यटकों का मनोरजंन किया। पंजाबी कलाकारों ने ऐसा समां बांधा कि उनके सहयोगी कलाकारों ने साथ साथ विदेशी मेहमान में जमकर थिरके। पंजाबी कलाकारों ने एक था तारा, काला शा काला तथा सब ना नू एक मौका दियां गे जैसे पंजाबी लोक गीत गा कर पर्यटकों का मन मोह लिया।
सोमवार को मुख्य चौपाल पर वियतनाम, जिम्मबावे, यूजेकिस्तान, छबां हिमाचल, कश्मीर,यूगांडा, सूढान, तनजानिया, कोमोरोस, पंजाब,तुर्गीस्तान, हरियाणा, कांगरा हिमाचल,नबमिबिया सहित कई देश विदेश के कलाकारों ने अपनी लोककला व लोकगायन की चौपाल में मौजूद पर्यटकों का थिरकने पर मजबूर कर दिया। हरियाणीं कलाकारों धमाल पर दर्शकों तालियों की गडग़ड़ाहट से जोरदार स्वागत किया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से हरियाणी लोक परपंरा का दर्शनीय प्रदर्शन किया और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।
सूरजकुंड मेले में दिल्ली विश्वविधालय से पहुंचे छात्रा नेहा, ज्योति, सुमन, किरण, शालू व करनाल के छात्र पंकज, मोहित, विवेक तथा सोनू ने बताया कि वे अपने गु्रप के साथ मेले का लुत्फ उठाने आए है। सूरजकुंड मेले में पहली बार पहुंचे इन छात्रों की खुशी का ठिकाना नहीं था। इन्होंने बताया कि इससे शानदार मेला हमनेे पहले कभी नहीं देखा, सूरजकुंड मेले में देश विदेश की सभ्यता की जानकारी के साथ चौपाल के माध्यम से पर्यटकों का मनोरजंन अपने आप में अनूठी बात है और वे इस यादगार दिन को कभी नहीं भूल पाएंगे।

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