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आंगनवाड़ी वर्कर ने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के आवास पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन : देवेद्री शर्मा

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 1 April 2026 0 comments
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 फरीदाबाद,1 अप्रैल।


भारतीय विरोध दिवस के तहत सैकड़ों की संख्या में आंगनवाड़ी वर्कर्स एंव हैल्पर ने लंबित मांगों को लेकर फरीदाबाद जिला कमेटी के नेतृत्व में केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर के आवास पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हैल्पर्स यूनियन हरियाणा सीटू की प्रधान मालवती व सचिव देवेन्द्री शर्मा,उप प्रधान सुरेन्द्री ,इंद्रा, राजेश व माया आदि ने किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राजमंत्री के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर आंगनवाड़ी कार्य

कर्ताओं और सहायिकाओं की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया। यूनियन की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व जिला सचिव देवेन्द्री शर्मा ने बताया कि पिछले दस महीने से आंगनवाड़ी केन्द्रों के किराये का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सैकड़ों वर्कर्स ने अपनी जेब से किराए का भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीने से वर्कर्स एंड हैल्पर्स के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है और ना ही आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्राप्त राशन सप्लाई हो रहा है। जिससे वर्कर्स एंव हैल्पर्स के साथ ही लाभार्थी भी परेशान हैं। आला अधिकारियों को यूनियन द्वारा बार बार पत्र एवं स्मरण पत्र लिखने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराज़गी जताई और शीघ्र भुगतान न होने पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। 

प्रदर्शन के दौरान देवेन्द्री शर्मा व मालवती ने कहा कि केंद्रीय आम बजट 2025-26 एवं 2026-27 में आंगनवाड़ी वर्कर्स एंव हैल्पर्स की लगातार उपेक्षा की गई है। वर्ष 2018 के बाद से मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जिससे वर्कर्स एंड हैल्पर्स के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन की बात किए जाने के बावजूद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है। जिला प्रधान मालवती ने बताया कि हमने ज्ञापन में मुख्य रूप से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रतिमाह एवं पेंशन ₹10,000 सुनिश्चित करने, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी का भुगतान करने तथा भविष्य निधि (EPF) और ईएसआई लागू करने की मांग उठाई। इसके अलावा, ज्ञापन में आईसीडीएस योजना को स्थायी स्वरूप देने, निजीकरण पर रोक लगाने, तथा डिजिटलीकरण और फेस रिकग्निशन सिस्टम के नाम पर लाभार्थियों और कर्मचारियों को परेशान न करने की भी मांग की गई। उन्होने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में सीटू के जिला प्रधान  निरंतर पाराशर व सचिव वीरेंद्र डंगवाल भी मौजूद थे।

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