हरियाणा में किसी बच्चे, महिला, बुजुर्ग या अन्य व्यक्ति के लापता होने पर अब परिजनों को 24 घंटे इंतजार करने या अपने स्तर पर तलाश करने की सलाह नहीं दी जा सकेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार ने गुमशुदगी के मामलों में नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू कर दी है। इसके तहत सूचना मिलते ही पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज कर खोज अभियान शुरू करना होगा।
नई व्यवस्था में पहले घंटे की कार्रवाई को सबसे अहम माना गया है। पुलिस अब गुमशुदगी की सूचना को सामान्य शिकायत मानकर कार्रवाई टाल नहीं सकेगी। एफआईआर दर्ज होने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगालने, मोबाइल लोकेशन की जांच करने, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों को अलर्ट करने तथा पड़ोसी जिलों और राज्यों को सूचना भेजने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
नई एसओपी में सबसे बड़ा बदलाव पुलिस की जवाबदेही को लेकर है। पहले कई मामलों में परिजनों को 24 घंटे बाद आने या पहले स्वयं तलाश करने के लिए कहा जाता था। अब यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है। किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस को कानूनी कार्रवाई और तलाश शुरू करनी होगी।
गुमशुदा व्यक्ति का विवरण संबंधित डिजिटल पोर्टलों पर भी अपलोड किया जाएगा, ताकि दूसरे जिलों और राज्यों की पुलिस तक उसकी जानकारी तत्काल पहुंच सके।
गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस को एक साथ कई स्तरों पर काम करना होगा। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाने के साथ मोबाइल फोन की लोकेशन खंगाली जाएगी। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य संभावित स्थानों पर सूचना भेजी जाएगी।
इसके अलावा पड़ोसी जिलों और राज्यों को भी तत्काल अलर्ट किया जाएगा। इससे गुमशुदा व्यक्ति के दूसरे जिले या राज्य में चले जाने की स्थिति में भी तलाश को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

No comments :