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यूजीसी की नई नियमावली का भारी बिरोध

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 31 January 2026 0 comments
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 फरीदाबाद 31 जनवरी । सेक्टर  37 के प्रबुद्ध नागरिकों की एक मीटिंग हुई जिसमें कॉलेजों और विश्वविद्यालय परिसरों में जातीय भेदभाव के नाम पर जबरन थोपी गई " यू जी सी प्रमोशन आप इक्विटी रेगुलेशंस 2026" का विरोध किया । बैठक में वरिष्ठ समाजसेवी श्री पी सी शर्मा, रिटायर्ड ग्रूप कैप्टेन श्री आई डी शर्मा, सीनियर समाजसेवी एवं जानी मानी सोशल एक्टिविस्ट श्री मती आशा शर्मा, विश्व ब्राह्मण संघ के जिला प्रधान श्री अनिल शर्मा,  समाजसेवी श्री एस एन मिश्रा,श्री केबीएल चतुर्वेदी राष्ट्रीय राजपूत परिषद के महासचिव श्री प्रवीण चौहान आदि लोगों ने हिस्सा लिया।सभी वक्ताओं ने इस आदेश को समाज में भेद भाव और विभाजन करने वाला, समाज में विषमता लाने वाला एवं सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों पर अनावश्यक तनाव देने वाला


बताया एवं सरकार से आग्रह किया कि समाज में  समरसता को बिगाड़ने वाले इस आदेश को अबिलंब वापस ले। सभी वक्ताओं ने  अपने उद्बोधन में ‌बताया कि हमारे शहीदों का सपना था कि आजदी के बाद भारत में जाति पांति मुक्त समरस समाज बने। और आजादी के बाद सरकारों ने इस दिशा में बहुत काम किया। लेकिन सरकार की वर्तमान यूजीसी अधिसूचना अब तक के किए गए कार्यों को तहस नहस कर देगी। ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने 13 जनवरी 2026 को नए रेग्युलेशन जारी किए हैं जिस पर फिलहाल गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। लोगों ने सर्वोच्च न्यायालय के अस्थाई रोक पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं न्यायालय पहली नज़र में एवं पहली सुनवाई में इस विवादित रेग्युलेशन के कुछ प्रावधानों को अस्पष्ट माना है और उनके दुरुपयोग की आशंका जाहिर करते हुए अगली सुनवाई 19 फरवरी को रखा है। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि सरकार इस तुगलकी फरमान को अबिलम्ब वापस ले बरना इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन खड़ा किय .

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