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एफएफआरसी में नहीं है कोई राज्य जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपील अधिकारी

Posted by : pramod goyal on : Sunday, 6 June 2021 0 comments
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मंडल कमिश्नर कार्यालय में स्थापित फीस एंड फंड्स रेगुलेटरी कमेटी      (एफएफआरसी) में आरटीआई कानून के तहत कोई भी राज्य जन सूचना अधिकारी (एसपीआईओ) व प्रथम अपील अधिकारी (एफएए) नियुक्त नहीं है। जिसके कारण इस ऑफिस से आरटीआई कानून के तहत आवेदकों  को मांगी गई सूचना नहीं मिल पा रही है। हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि उन्होंने मंच की ओर से 5 महीने पहले दो आरटीआई       एफएफआरसी शाखा में लगा कर प्राइवेट स्कूलों द्वारा किए जा रहे शिक्षा के व्यवसायीकरण, एफएफआरसी को मिले अधिकार और उसके इस्तेमाल से संबंधित कुछ सूचना व जानकारी मांगी थी। निर्धारित 30 दिन की अवधि में सूचना न मिलने पर प्रथम अपील अधिकारी के पास प्रथम अपील दायर की। आज उनकी आरटीआई को 5 महीने से ज्यादा हो गए हैं ना तो एसपीआईओ ने कोई सूचना प्रदान की है और ना ही प्रथम अपील अधिकारी ने कोई उचित कार्रवाई की है। इस बारे में जब  एफएफआरसी शाखा से संपर्क किया गया तो बताया गया कि एफएफआरसी में ना तो कोई राज्य जन सूचना अधिकारी है और ना कोई प्रथम अपील अधिकारी बना हुआ है। कैलाश शर्मा ने बताया कि उन्होंने 5 मार्च 2021 को चेयरमैन एफएफआरसी कम मंडल कमिश्नर संजय जून को भी पत्र लिखकर एफएफआरसी से आरटीआई में मांगी सूचना दिलाने को कहा लेकिन उन्होंने भी कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की।

कैलाश शर्मा का कहना है कि इससे पहले भी इस ऑफिस से सूचना और जानकारी न मिलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग (एसआईसी) चंडीगढ़ में द्वितीय अपील दायर की। जिस पर एसआईसी ने एफएफआरसी को एक आरटीआई पर चेतावनी देकर शीघ्र ही आवेदक को जानकारी देने तथा दूसरी आरटीआई पर ₹3000 का जुर्माना लगाकर इस राशि को आवेदक को देने और शीघ्र ही मांगी गई जानकारी आवेदक को देने के आदेश दिए थे लेकिन एसआईसी के आदेशों का पालन अभी तक नहीं किया गया है और ना अब 5 महीने पहले लगाई गई आरटीआई पर कोई भी उचित कार्रवाई की गई है। कैलाश शर्मा ने बताया है कि इसकी शिकायत उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त हरियाणा यशपाल सिंघल से करके एफएफआरसी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
यहां यह बताना भी बहुत जरूरी है कि नवंबर 2018 में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के  सभी विभागों को आदेश दिए थे कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत सभी विभाग अपने यहां राज्य जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपील अधिकारी नियुक्त करें उनके नामों की पट्टिका प्रत्येक कार्यालय के गेट पर लगाएं  लेकिन एफएफआरसी ने मुख्यमंत्री के आदेश का भी पालन नहीं किया है और एफएफआरसी ऑफिस में  कोई भी पट्टिका नहीं लगाई गई है। एफएफआरसी में आरटीआई के तहत मांगे गए दर्जनों आवेदन लंबित पड़े हैं। इस ऑफिस ने आरटीआई कानून का  पूरी तरह से मजाक बना हुआ है। जिसकी शिकायत राज्य सूचना आयोग चंडीगढ़ से की गई है।

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