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फरीदाबाद की गलियों में आवारा घूमने वाली रॉकी नाम की अपाहिज स्ट्रीट डॉग बिच की यह कहानी आपको कर देगी भावुक

Posted by : pramod goyal on : Monday, 16 November 2020 0 comments
pramod goyal
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 फरीदाबाद की गलियों में आवारा घूमने वाली  रॉकी अब लंदन जाने की तैयारियों में जुट गई है, जी हां स्ट्रीट बिच रॉकी  18 नवंबर को कार्गो प्लेन में बैठ कर लंदन जाएगी  राकी नाम की है कुत्तिया। बता दें कि 1 साल पहले ट्रेन की चपेट में आने से रॉकी के पैर घायल हो गए थे जिसके बाद पीपल फॉर एनिमल संस्था के डॉक्टरों ने सर्जरी कर आगे के दोनों पैरों को काट दिया और रॉकी की जा


न बचा ली। बाद में जयपुर से कृत्रिम पैर भी लगवाए गए जो कि सफल नहीं रहे । जिसके बाद संस्था ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की जिसे लंदन में बैठी एनिमल के ऊपर काम करने वाली संस्था ने देखा और रॉकी को गोद लेने का फैसला किया। अब अपाहिज गली की कुत्तिया 18 नवंबर को सात समुंदर पार हवाई रास्ते से लंदन जा रही है।

  कहते हैं ऊपर वाला जब देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है और जिस दिन दुख देता है उसी दिन सुख का रास्ता भी खोल देता है, ऐसा फरीदाबाद में आवारा गलियों में घूमने वाली एक स्ट्रीट विच के साथ हुआ है पूरा मामला सिलसिलेवार तरीके से बताए तो करीब 1 साल पहले बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से रॉकी ने अपने दोनों पैर गंवा दिए थे, जिसे गंभीर हालत में जीआरपी पुलिस के जवान ने पीपल फॉर एनिमल संस्था को सौंपा । जहां डॉक्टरों ने इसका इलाज किया और इंफेक्शन फैल जाने के चलते आगे के दोनों पैर काट दिए, जिससे इसकी जान तो बच गई लेकिन हमेशा के लिए अपाहिज हो गई । रॉकी आगे के दो पैर ना होने के चलते मुंह को जमीन पर टिका कर चलने लगी, यह सब संस्था के कर्मचारियों से नहीं देखा गया तो उन्होंने जयपुर में जानवरों के कृत्रिम अंग बनाने वाले डॉक्टर से संपर्क किया जहां रॉकी को कृत्रिम पैर भी लगवाए गए लेकिन ऊपर वाले को तो कुछ और ही मंजूर था और यह कृत्रिम पैर भी रॉकी के शरीर पर कारगर साबित नहीं हुए।  इस पूरे प्रकरण की संस्था ने एक डॉक्यूमेंट्री तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, इस वीडियो को सात समुंदर पार लंदन में बैठी जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था ने देखा और फैसला लिया कि वह अपने खर्चे पर रॉकी को गोद लेंगे और लंदन बुलाएंगे बस फिर क्या था, लंदन की एनिमल संस्थान ने फरीदाबाद की पीपल फॉर एनिमल संस्था से संपर्क किया और रॉकी को गोद लेने की बात की जिस पर फरीदाबाद की पीपल फॉर एनिमल संस्था भी बहुत खुश हुई ।
पीपल फॉर एनिमल संस्था के पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब 18 नवंबर को रॉकी कार्गो प्लेन में बैठ कर लंदन जाएगी, जिसकी तैयारियां चल रही है एक तरफ जाने की खुशी है तो दूसरी तरफ दुख भी है, क्योंकि 1 साल का सफर रॉकी के साथ बहुत अच्छा गुजरा है और अब उन्हें लगता है जैसे उनकी बेटी शादी करके अपने ससुराल जा रही है। उन्होंने बताया कि लंदन की लंदन तक जाने के सफर के लिए लगभग  3 लाख का खर्च आया है जिसे लंदन की संस्था ने वहन किया है उन्होंने कहा की तमाम तरह की डॉक्टरी जांच पूरी हो चुकी है और खास किस्म की केज में रॉकी कार्गो प्लेन के जरिए अब लंदन पहुंच जाएगी ।

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