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बर्खास्त पीटीआई ने नोकरी बहाली की मांग को लेकर मूलचंद शर्मा के सेक्टर 8 कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन किया

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 26 September 2020 0 comments
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 फरीदाबाद,26 सितंबर। बर्खास्त पीटीआई ने अपने को निर्दोष बताते हुए नोकरी बहाली की मांग को लेकर शनिवार को कैबिनेट मंत्री प. मूलचंद शर्मा के सेक्टर 8 कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन किया। शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के प्रधान धर्मेन्द्र पहलवान, एसकेएस के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री के नेतृत्व में 11 सदस्यीय शिष्टमंडल ने कैबिनेट मंत्री प. मूलचंद शर्मा से मुलाकात की और नोकरी बहाली की मांग का ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने प्रदर्शनकारियों के बीच आ


कर आश्वासन दिया की सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए बर्खास्त पीटीआई को भी रिक्त पदों पर एडजस्ट करने का प्रयास करेगी। प्रर्दशन में पलवल, नूंह, गुरुग्राम व फरीदाबाद जिलों के  बर्खास्त पीटीआई शामिल थे। प्रर्दशन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ व आशा वर्करों ने शामिल होकर नोकरी बहाली की मांग का समर्थन करते हुए आंदोलन के साथ एकजुटता प्रकट की। बर्खास्त पीटीआई प्रर्दशन से पहले ओपन एयर थियेटर सेक्टर 12 में एकत्रित हुए। वहां से नोकरी बहाली की मांग के समर्थन में जूलूस की शक्ल में प्रर्दशन करते हुए कैबिनेट मंत्री के सेक्टर 8 स्थित कार्यालय पर पहुंचे। पीटीआई का आक्रोश देखते ही बन रहा था। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कार्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रर्दशन का

नेतृत्व शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक धर्मेन्द्र पहलवान,  जिले के नेता बृजेश नागर,रामधन , पुष्पलता और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री, जिला प्रधान अशोक कुमार व सचिव बलबीर सिंह बाल गुहेर,अध्यापक नेता राजसिंह व भीम सिंह आदि कर रहे थे।

प्रर्दशनकारी पीटीआई को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार की नीयत साफ हो तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी लागू हो सकता है और बर्खास्त किए गए पीटीआई की नोकरी भी बहाल की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार नई भर्ती के बावजूद पीटीआई की 1612 पोस्ट खाली पड़ी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली व पंजाब की तरह प्राथमिक विद्यालयों में भी पीटीआई की पोस्ट को स्वीकृत किया जा सकता है। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री प.मूलचंद शर्मा से इस संवेदनशील मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप कर 1983 बर्खास्त पीटीआई के करीब दस हजार परिजनों को आर्थिक तबाही से बचाने की अपील की है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि बर्खास्त 1983 पीटीआई को निर्दोष बताते हुए सरकार से अविलंब उनकी सेवाएं बहाल करने के सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार-विमर्श करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल को माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद शिक्षा विभाग ने 1 व 2 जून को दस साल की सेवा उपरांत 1983 पीटीआई को बिना किसी पूर्व नोटिस के सेवा बर्खास्त कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बर्खास्त किए गए पीटीआई को कहीं भी दोषी नही ठहराया गया है। 

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